MSME: पांच करोड़ टर्नओवर पर ऑडिट नहीं, पीपीपी मॉडल पर बनेंगे आधुनिक शहर
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सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को इस बार आकांक्षी भारत में शामिल करते हुए खासा सहारा दिया गया है। अब पांच करोड़ रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले उद्यमों को ऑडिट नहीं कराना होगा। अब तक यह राहत एक करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले उद्यमों को मिलती है।
वहीं, पीपीपी मॉडल पर पांच आधुनिक शहर बनाने की घोषणा भी की गई है। सड़क और संस्कृति के दम पर देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती करते हुए 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की उम्मीद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में जताई है।
वित्तमंत्री ने कहा कि अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे न सिर्फ विकास होगा बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत 103 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। एनआईपी के मद में 22,000 करोड़ रुपये पहले ही मुहैया कराए गए हैं।
एनआईपी के तहत इन नई परियोजनाओं में आवासीय, साफ पेयजल, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य, आधुनिक रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो बस, लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। इसके अलावा, राजमार्गों के विकास पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
इनमें 2,500 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस हाईवे, 9,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक कॉरिडोर, तटीय इलाकों में 2,000 किलोमीटर लंबी सड़क और 2,000 किलोमीटर लंबे रणनीतिक राजमार्गों का विकास शामिल है।
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इन्फ्रा स्टार्टअप से युवाओं को जोड़ने की तैयारी
बजट में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मजबूत बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया। इससे संबंधित स्टार्टअप से युवाओं को जोड़ने के लिए सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए गए हैं।- 100 लाख करोड़ का निवेश होगा पांच साल में इन्फ्रा क्षेत्र में
- 103 लाख करोड़ की परियोजनाएं शुरू हुईं एनआईपी के तहत