जेटली का खुलासा, नोटबंदी के बाद 91 लाख नए करदाता सामने आए
नरेंद्र मोदी सरकार की ओर कालेधन के खिलाफ चलाए गई मुहिम को धार देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अब स्वच्छ धन अभियान से जुड़ा एक अलग पोर्टल ही शुरू कर दिया गया है। इस पर आयकर विभाग की छापेमारी का रिकॉर्ड तो रहेगा साथ ही अलग श्रेणियों में डिफाल्टरों की भी जानकारी रहेगी।
अरुण जेटली ने मंगलवार को इस पोर्टल को जारी करने के बाद बताया कि यह ईमानदार करदाताओं की सुविधा के लिए बनाया गया है जबकि इसके सहारे बेइमान करदाताओं को पकड़ा भी जाएगा। ईमानदार करदाताओं को इसके सहारे जानकारी मिलेगी, उन्हें नियम-कानूनों को पालन करने में मदद मिलेगी जबकि जो बेइमान हैं और अपनी कमाई पर कर नहीं दे रहे हैं, उसे इसके सहारे पकड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद करीब 18 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है जिनकी प्रोफाइल आयकर विभाग के पास नहीं है। इस कार्य में तकनीक उनका साथ देगा, क्योंकि ऐसे व्यक्तियों ने अपनी रकम को किस तरह से ठिकाना लगाया है, इसका पता लगा लिया जाएगा।
इस मौके पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा, 'हम कर शिकायत के मामले में गैर-कर शिकायत को बदलना चाहते हैं। आयकर विभाग छापेमारी की खबरों को वेबसाइट पर डालेगा। पोर्टल उस प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी देगी जिसके चलते टैक्स डिफॉल्टर की पहचान की गई थी।' उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नए करदाता सामने आए हैं जबकि 16398 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।
चंद्रा ने बताया कि आयकर विभाग ने डिफाल्टरों को तीन श्रेणी अत्यधिक जोखिम, मध्यम जोखिम, कम जोखिम में बांटा गया है। अत्यधिक जोखिम वाले श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों या समूहों को तलाशी, जब्ती और सीधे पूछताछ जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मध्यम जोखिम वाले डिफॉल्टरों को एसएमएस या ईमेल के जरिये सूचित किया जाएगा और बहुत कम जोखिम वाले लोगों पर नजर रखी जाएगी।