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GST: किराना दुकानों पर बिना बिल के नहीं बिकेगा सामान, टैक्स चोरी करना होगा मुश्किल
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:00 AM IST
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शनिवार से किराना दुकानों पर बिना बिल के कोई सामान नहीं बिक सकेगा। गुड्स एंड सर्विस टैक्स कानून के लागू होने के बाद आप चाहे बिल मांगे या नही, दुकानदार को पक्का बिल देना ही होगा। अगर दुकानदार ये सोचें कि बिल न देकर के वो टैक्स को बचा लेगा तो ऐसा करना उसके लिए मुश्किल होगा।
दुकान पर जितना होगा स्टॉक, उसकी बिक्री का देना होगा हिसाब
अभी तक चाहे छोटा किराना दुकानदार हो या फिर बड़ा वो सामान कैश में बेचता था और बिल मांगने के नाम पर कच्चा बिल पकड़ा देता था। लेकिन शनिवार से शुरू हो रहे जुलाई महीने से ऐसा करना इनके लिए काफी मुश्किल होने जा रहा है।
अब दुकानदार को न केवल अपने स्टॉक का कंप्यूटर में हिसाब-किताब रखना होगा, बल्कि ये भी बताना होगा कि उपलब्ध स्टॉक में कितना सामान उसने महीने में बेचा है।
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20 लाख रुपये से कम का है बिजनेस तभी मिलेगी छूट
हालांकि केवल उन छोटे किराना व्यापारियों को छूट मिलेगी, जिनका वार्षिक कारोबार 20 लाख रुपये से कम है। लेकिन इसके साथ ही अगर व्यापारी का बिजनेस इससे ज्यादा का है तो फिर उसके लिए काफी कठिन होगा कि वो कच्चा बिल ग्राहकों को दे सके। उसे हर हाल में पक्का बिल देना होगा।
जीएसटी में हर खरीद-बिक्री पर रहेगी नजर
जीएसटी पोर्टल पर व्यापारियों को मासिक, तीन महीने और साल मेंं रिटर्न फाइल करना होगा, जिसमें उन्हें अपने प्रत्येक इनवॉयस को अपलोड करना होगा। ऐसा करने से किसी प्रकार की भी हेराफेरी या टैक्स की चोरी नहीं कर पाएंगे।
ऐसा इसलिए क्योंकि दुकानदार द्वारा अपलोड किए गए हर इनवॉयस को मैच किया जाएगा। इससे टैक्स अधिकारी को ट्रैक करने में आसानी होगी और वो आसानी से पता लगा लेंगे कि व्यापारी ने सही डिटेल अपलोड की है या फिर कुछ छुपाया है।
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दुकान पर जितना होगा स्टॉक, उसकी बिक्री का देना होगा हिसाब
अभी तक चाहे छोटा किराना दुकानदार हो या फिर बड़ा वो सामान कैश में बेचता था और बिल मांगने के नाम पर कच्चा बिल पकड़ा देता था। लेकिन शनिवार से शुरू हो रहे जुलाई महीने से ऐसा करना इनके लिए काफी मुश्किल होने जा रहा है।
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अब दुकानदार को न केवल अपने स्टॉक का कंप्यूटर में हिसाब-किताब रखना होगा, बल्कि ये भी बताना होगा कि उपलब्ध स्टॉक में कितना सामान उसने महीने में बेचा है।
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20 लाख रुपये से कम का है बिजनेस तभी मिलेगी छूट
हालांकि केवल उन छोटे किराना व्यापारियों को छूट मिलेगी, जिनका वार्षिक कारोबार 20 लाख रुपये से कम है। लेकिन इसके साथ ही अगर व्यापारी का बिजनेस इससे ज्यादा का है तो फिर उसके लिए काफी कठिन होगा कि वो कच्चा बिल ग्राहकों को दे सके। उसे हर हाल में पक्का बिल देना होगा।
जीएसटी में हर खरीद-बिक्री पर रहेगी नजर
जीएसटी पोर्टल पर व्यापारियों को मासिक, तीन महीने और साल मेंं रिटर्न फाइल करना होगा, जिसमें उन्हें अपने प्रत्येक इनवॉयस को अपलोड करना होगा। ऐसा करने से किसी प्रकार की भी हेराफेरी या टैक्स की चोरी नहीं कर पाएंगे।
ऐसा इसलिए क्योंकि दुकानदार द्वारा अपलोड किए गए हर इनवॉयस को मैच किया जाएगा। इससे टैक्स अधिकारी को ट्रैक करने में आसानी होगी और वो आसानी से पता लगा लेंगे कि व्यापारी ने सही डिटेल अपलोड की है या फिर कुछ छुपाया है।