आयकर रिटर्न: मुश्किलों से बचना है तो 31 मार्च तक निपटा लें 10 काम
चालू वित्तवर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। सरकार ने टैक्स सहित वित्तीय मामलों से जुड़े कई काम निपटाने की अंतिम समय अवधि भी 31 मार्च दे रखी है। आइए जानते हैं कौन-कौन से जरूरी काम हैं जो आपको 31 मार्च तक कर लेने चाहिए।
- पैन-आधार लिंक कराने के साथ आयकर रिटर्न या जीएसटी रिटर्न भरने के लिए भी अब सिर्फ 10 दिन बचे हैं। अगर आप अंतिम अवधि तक काम नहीं निपटाते तो जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
- अगर 31 मार्च तक पैन और आधार को आपस में नहीं जोड़ते हैं, तो आपका पैन निष्क्रिय हो जाएगा। इसके बाद आप खाते से बड़ा लेनदेन या कर्ज के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
- 2019-20 का रिवाइज्ड या लंबित रिटर्न नहीं भरा है, तो 31 मार्च तक पूरा करें। लंबित रिटर्न पर 10,000 रुपये तक विलंब शुल्क लगेगा। 5 लाख तक आय पर 1 हजार रुपये शुल्क होगा। 2019-20 का सालाना जीएसटी रिटर्न भी 31 मार्च तक भरना होगा। केंद्र ने जीएसटीआर-9 व जीएसटीआर-9सी के लिए समय दिया है।
- विवाद से विश्वास योजना के तहत आयकर मामले निपटाने की अंतिम तारीख 31 मार्च है। सरकार ने बिना अतिरिक्त शुल्क के योजना में भुगतान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2021 निर्धारित की है।
- आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत 13 मई, 2020 को आपात गारंटी कर्ज योजना शुरू की गई थी। इसके तहत एमएसएमई को सरकार की गारंटी पर कर्ज मुहैया कराया जाता है। योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है।
- देना बैंक, विजया बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक, यूनाइटेड बैंक और इलाहाबाद बैंक के पुराने चेकबुक 31 मार्च तक ही मान्य रहेंगे। इनका अन्य बैंकों में विलय हो चुका है। सिंडीकेट बैंक की चेकबुक 30 जून तक मान्य होगी, जिसका विलय केनरा बैंक में हुआ है।
सरकारी कर्मचारियों को 10 किस्त में लौटाने का भी विकल्प मिलेगा
- सरकारी कर्मचारियों को त्योहारों से पहले बिना ब्याज 10 हजार रुपये तक अग्रिम भुगतान की सुविधा मिली थी। इसे अधिकतम 10 किस्त में लौटाने का भी विकल्प मिलेगा। कर्मचारी इसके लिए 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में कर्ज पर सब्सिडी लेने की सीमा 31 मार्च है। एमआईजी-1 और एमआईजी-2 श्रेणियों में सब्सिडी के लिए 10 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। 6 से 18 लाख तक की आय वर्ग के लोग इसमें शामिल हैं।
- यात्रा अवकाश भत्ते (एलटीसी) के एवज में नकद वाउचर लेना चाहते हैं, तो कर्मचारियों को 31 मार्च तक जरूरी बिल अपने नियोक्ता के पास जमा कराने होंगे। ये लाभ उन्हें मिलेगा, जिन्होंने कोरोना में प्रतिबंधों की वजह से यात्रा नहीं की थी।
- महामारी से एनआरआई और विदेशी नागरिकों को लंबे समय तक भारत में ही रुकना पड़ा। ऐसे में 2020-21 के लिए इन पर दोहरे कर की मार पड़ सकती है। सीबीडीटी ने ऐसे करदाताओं को 31 मार्च तक फॉर्म एनआर जमा करने की छूट दे है, ताकि दोहरा कर न देना पड़े।
एक अप्रैल से चार नए नियम लागू
- ईपीएफ अंशदान... आयकर के नए प्रावधानों के मुताबिक, 1 अप्रैल से कर्मचारी भविष्य निधि में सालाना 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के जमा पर मिला ब्याज अब कर के दायरे में आएगा। 2 लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा वेतन वाले कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं।
- प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म... कर्मचारियों की सहूलियत के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। आयकर विभाग नए वित्तवर्ष से पहले से भरा हुआ आईटीआर फॉर्म मुहैया कराएगा।
- रिटर्न भरने से छूट...1 अप्रैल से 75 साल से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों को आईटीआर भरने से छूट दी जाएगी। इसका लाभ उन्हीं को मिलेगा, जिनकी आय सिर्फ पेंशन और एफडी के ब्याज से होती है।
- दोगुना टीडीएस... रिटर्न भरने को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नियमों को सख्त कर दिया है। अब आयकर की धारा 206एबी के तहत जो रिटर्न नहीं भरेगा, उसे 1 अप्रैल के बाद दोगुना टीडीएस भरना पड़ेगा।