India-UK Relation: भारत दौरे पर आएंगे ऋषि सुनक? ब्रिटेन के साथ चर्चा जारी, FTA समझौतों पर निर्भर करेगी यात्रा
India-UK Relations: भारत और ब्रिटेन जल्द ही प्रधानमंत्री ऋषि सुन की नई दिल्ली की संभावित यात्रा पर विचार कर रहे हैं। लेकिन यह इस बात कर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मजबूत करने के लिए शेष मतभेदों को हल कर पाते हैं या नहीं।
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भारत और ब्रिटेन जल्द ही प्रधानमंत्री ऋषि सुन की नई दिल्ली की संभावित यात्रा पर विचार कर रहे हैं। लेकिन यह इस बात कर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मजबूत करने के लिए शेष मतभेदों को हल कर पाते हैं या नहीं। मामले से करीबी लोगों ने सोमवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष 28 अक्तूबर के आसपास यात्रा की संभावना देख रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि माना जा रहा है कि दोनों पक्ष 26 अध्यायों में से करीब 24 को अंतिम रूप दे चुके हैं और अब वे लोगों की आवाजाही व कुछ वस्तुओं पर आयात शुल्क में रियायत समेत कुछ विवादास्पद मुद्दों पर मतभेदों को दूर कर इसे अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि दोनों पक्ष सुनक के 29 अक्तूबर को लखनऊ में भारत-इंग्लैंड के बीच एक दिवसीय क्रिकेट मैच (विश्व कप) देखने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं। मामले से जुड़े करीबी लोगों ने कहा कि यात्रा पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, यह इस बात पर निर्भर हो सकता है कि दोनों पक्ष एफटी को अंतिम रूप देने में सक्षम हैं या नहीं।
सुनक पिछले महीने जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुनक ने द्विपक्षीय वार्ता की थी। वार्ता में मोदी और सुनक ने एफटीए वार्ता की प्रगति की समीक्षा की थी और उम्मीद जताई कि शेष मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा ताकि एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और भविष्योन्मुखी व्यापार समझौता जल्द संपन्न हो सके।
पिछले साल अप्रैल में दोनों पक्षों ने एफटीए को अंतिम रूप देने के लिए दिवाली की समय सीमा तय की थी, लेकिन कुछ मुद्दों पर मतभेदों के साथ-साथ ब्रिटेन में राजनीतिक घटनाक्रम के कारण सौदे को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था।
मई 2021 में मोदी और उनके तत्कालीन ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन के बीच आयोजित भारत-ब्रिटेन वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-ब्रिटेन संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने व्यापार और अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और लोगों से लोगों के बीच संपर्क सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों का विस्तार करने के लिए 10 साल के रोडमैप को अपनाया था।
जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले सुनक ने कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए 'अब भी कुछ रास्ता तय करना है' लेकिन ऐसा लगता है कि अंतिम परिणाम 'भविष्योन्मुखी' और 'आधुनिक' समझौता होगा जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा और 2030 तक व्यापार दोगुना करने की साझा महत्वाकांक्षा को बल मिलेगा।