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तीन साल तक 7.5 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर, चीन काफी पीछे
Thu, 06 Jun 2019 05:51 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 06 Jun 2019 05:51 AM IST
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भारतीय अर्थव्यवस्था
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भारत की विकास दर सुस्त रहने की आशंका को खारिज करते हुए विश्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि अगले तीन वर्षों तक यह दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था वाला देश बना रहेगा। इस दौरान भारत 7.5 फीसदी की दर से वृद्धि करेगा, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में और नरमी आएगी। चीन की विकास दर भी भारत से काफी पीछे रह जाएगी।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से पिछले सप्ताह जारी जीडीपी आंकड़ों के बाद भारत की विकास दर में सुस्ती की आशंका बढ़ गई थी, जिसे विश्व बैंक की रिपोर्ट ने खारिज कर दिया। ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्टस नाम से जारी रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहेगी, जबकि अगले दो वित्त वर्ष में भी यह रफ्तार बरकरार रहेगी।
रिजर्व बैंक की उदार मौद्रिक नीतियों के कारण क्रेडिट ग्रोथ में वृद्धि होगी और निवेश व खपत में इजाफा आएगा। महंगाई दर भी आरबीआई के तय लक्ष्य से नीचे रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2018-19 में भारत की विकास दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह जारी सीएसओ के आंकड़े में 2018-19 की चौथी तिमाही में विकास दर पांच साल के निचले स्तर 5.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था, जो चीन से भी पीछे था।
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गांव और शहर में बढ़ेगी खपत
विश्व बैंक के अनुसार, मौद्रिक नीति सुगम रहने से भारत के शहरी क्षेत्र में क्रेडिट ग्रोथ बढ़ेगी जिससे खपत में इजाफा होगा। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्र में भी कृषि उत्पादों की कीमतें नरम रहने से खपत बढ़ने की उम्मीद है। उत्पादन के मोर्चे पर सेवा क्षेत्र और कृषि में थोड़ी नरमी रहेगी लेकिन औद्योगिक उत्पादन फिर से जोर पकड़ेगा। पूंजीगत वस्तुओं की मांग बढ़ने से निर्माण और उत्पादन गतिविधियां भी तेज होंगी।
लगातार पीछे जा रहा चीन
विश्व बैंक ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। उसके अनुसार, 2017-18 के 6.6 फीसदी के मुकाबले 2018-19 में चीन की वृद्धि दर घटकर 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी तरह, 2019-20 की विकास दर और कम होेकर 6.1 फीसदी जबकि 2020-21 की जीडीपी वृद्धि दर 6 फीसदी तक जाने का अनुमान है। लिहाजा भारत के मुकाबले चीन की विकास दर करीब 1.5 फीसदी पीछे हो जाएगी।
दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा
दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध से विश्व बैंक ने दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा बताया है। कहा, 2018 में 3 फीसदी की दर से वृद्धि करने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था 2019 में घटकर 2.6 फीसदी पर आ सकती है। पड़ोसी देश पाकिस्तान की विकास दर 2018-19 में 0.2 फीसदी घटेगी, लेकिन 2020 में इसके 7 फीसदी पहुंचने का अनुमान है।
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केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से पिछले सप्ताह जारी जीडीपी आंकड़ों के बाद भारत की विकास दर में सुस्ती की आशंका बढ़ गई थी, जिसे विश्व बैंक की रिपोर्ट ने खारिज कर दिया। ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्टस नाम से जारी रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहेगी, जबकि अगले दो वित्त वर्ष में भी यह रफ्तार बरकरार रहेगी।
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रिजर्व बैंक की उदार मौद्रिक नीतियों के कारण क्रेडिट ग्रोथ में वृद्धि होगी और निवेश व खपत में इजाफा आएगा। महंगाई दर भी आरबीआई के तय लक्ष्य से नीचे रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2018-19 में भारत की विकास दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह जारी सीएसओ के आंकड़े में 2018-19 की चौथी तिमाही में विकास दर पांच साल के निचले स्तर 5.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था, जो चीन से भी पीछे था।
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गांव और शहर में बढ़ेगी खपत
विश्व बैंक के अनुसार, मौद्रिक नीति सुगम रहने से भारत के शहरी क्षेत्र में क्रेडिट ग्रोथ बढ़ेगी जिससे खपत में इजाफा होगा। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्र में भी कृषि उत्पादों की कीमतें नरम रहने से खपत बढ़ने की उम्मीद है। उत्पादन के मोर्चे पर सेवा क्षेत्र और कृषि में थोड़ी नरमी रहेगी लेकिन औद्योगिक उत्पादन फिर से जोर पकड़ेगा। पूंजीगत वस्तुओं की मांग बढ़ने से निर्माण और उत्पादन गतिविधियां भी तेज होंगी।
लगातार पीछे जा रहा चीन
विश्व बैंक ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। उसके अनुसार, 2017-18 के 6.6 फीसदी के मुकाबले 2018-19 में चीन की वृद्धि दर घटकर 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी तरह, 2019-20 की विकास दर और कम होेकर 6.1 फीसदी जबकि 2020-21 की जीडीपी वृद्धि दर 6 फीसदी तक जाने का अनुमान है। लिहाजा भारत के मुकाबले चीन की विकास दर करीब 1.5 फीसदी पीछे हो जाएगी।
दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा
दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध से विश्व बैंक ने दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा बताया है। कहा, 2018 में 3 फीसदी की दर से वृद्धि करने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था 2019 में घटकर 2.6 फीसदी पर आ सकती है। पड़ोसी देश पाकिस्तान की विकास दर 2018-19 में 0.2 फीसदी घटेगी, लेकिन 2020 में इसके 7 फीसदी पहुंचने का अनुमान है।