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व्यापार युद्ध से अमेरिका-चीन को 350 नए उत्पाद का निर्यात कर सकता है भारत
Mon, 17 Jun 2019 06:49 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 17 Jun 2019 06:49 AM IST
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america, China
अमेरिका और चीन के बीच चल रहा व्यापार युद्ध भारत के लिए निर्यात बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अध्ययन में कहा गया है कि इस मौके का लाभ उठाकर भारत दोनों देशों को केमिकल्स और ग्रेनाइट सहित 350 उत्पादों का निर्यात कर सकता है। मंत्रालय ने अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध के बीच उन उत्पादों की पहचान की है, जिनका निर्यात भारत इन दोनों देशों को कर सकता है। अमेरिका और चीन दोनों एक-दूसरे के उत्पादों पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगा रहे हैं। इससे व्यापार युद्ध की स्थिति बन गई है।
वाणिज्य मंत्रालय के अध्ययन के मुताबिक, जारी व्यापार युद्ध भारत के लिए अमेरिका और चीन को निर्यात बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। इसमें कहा गया है कि डीजल, एक्स-रे ट्यूब और कुछ केमिकल्स सहित ऐसे 151 घरेलू उत्पाद हैं, जिनका निर्यात भारत चीन को कर सकता है। चीन अभी तक अमेरिका से इन उत्पादों का आयात करता है। इसी प्रकार ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स और रबड़ जैसे 203 भारतीय उत्पाद ऐसे हैं, जिनका निर्यात अमेरिका को किया जा सकता है। अमेरिका अभी ये उत्पाद चीन से खरीदता है।
चीन के साथ कम हो सकता है व्यापार घाटा
दरअसल, निर्यात में बढ़ोतरी कर भारत चीन के साथ अपने व्यापार घाटे में कमी ला सकता है। अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 50.12 अरब डॉलर का था। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारत को लाभ हो रहा है। उनके मुताबिक, 2018 के दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 11.2 फीसदी और चीन को निर्यात 31.4 फीसदी बढ़ा है।
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वाणिज्य मंत्रालय के अध्ययन के मुताबिक, जारी व्यापार युद्ध भारत के लिए अमेरिका और चीन को निर्यात बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। इसमें कहा गया है कि डीजल, एक्स-रे ट्यूब और कुछ केमिकल्स सहित ऐसे 151 घरेलू उत्पाद हैं, जिनका निर्यात भारत चीन को कर सकता है। चीन अभी तक अमेरिका से इन उत्पादों का आयात करता है। इसी प्रकार ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स और रबड़ जैसे 203 भारतीय उत्पाद ऐसे हैं, जिनका निर्यात अमेरिका को किया जा सकता है। अमेरिका अभी ये उत्पाद चीन से खरीदता है।
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चीन के साथ कम हो सकता है व्यापार घाटा
दरअसल, निर्यात में बढ़ोतरी कर भारत चीन के साथ अपने व्यापार घाटे में कमी ला सकता है। अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 50.12 अरब डॉलर का था। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारत को लाभ हो रहा है। उनके मुताबिक, 2018 के दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 11.2 फीसदी और चीन को निर्यात 31.4 फीसदी बढ़ा है।
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