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व्यापार नीति फोरम: चार साल बाद भारत के आम, अनार व अंगूर को अमेरिका में निर्यात करने पर बनी सहमति
Wed, 24 Nov 2021 03:51 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 24 Nov 2021 03:51 AM IST
सार
चार साल बाद आयोजित व्यापार नीति फोरम में साझा समझौते के तहत भारत से आम, अनार और अंगूर को अब अमेरिकी बाजारों में निर्बाध रूप से भेजा जा सकेगा। इसके बदले अमेरिका अपने यहां की चेरी और सुअर के मांस व उससे बने उत्पादों को भारतीय बाजार में भेजेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार फोरम के तहत यह 12वीं मंत्रिस्तरीय बैठक थी।
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विस्तार
भारत के कृषि उत्पाद के निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजारों के रास्ते अब पूरी तरह खुल गए हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई ने मंगलवार को चार साल बाद आयोजित व्यापार नीति फोरम में साझा समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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चार साल बाद व्यापार नीति फोरम में दोनों देशों के बीच सहमति
चार साल बाद आयोजित व्यापार नीति फोरम में साझा समझौते के तहत भारत से आम, अनार और अंगूर को अब अमेरिकी बाजारों में निर्बाध रूप से भेजा जा सकेगा। इसके बदले अमेरिका अपने यहां की चेरी और सुअर के मांस व उससे बने उत्पादों को भारतीय बाजार में भेजेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार फोरम के तहत यह 12वीं मंत्रिस्तरीय बैठक थी।
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फोरम की ओर से जारी साझा बयान में कहा गया है कि अब आम व अनार को अमेरिकी बाजार में भेजने के लिए प्री-क्लीयरेंस के साथ उनकी जांच और निगरानी का जिम्मा भी भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका अपनी चेरी और पशुओं के लिए अल्फाल्फा घास से बने चारे को घरेलू बाजार में निर्यात करेगा। भारत ने तरजीही व्यापार का दर्जा वापस लौटाने की भी मांग की, जिस पर अमेरिका ने विचार करने का भरोसा दिया है। इसके अलावा दोनों देशों ने आयात शुल्क में कटौती पर भी सहमति जर्ताई है।
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100 अरब डॉलर का होगा द्विपक्षीय कारोबार
फोरम में भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय कारोबार बढ़ने पर खुशी जताई है। जनवरी-सितंबर, 2021 में दोनों देशों के बीच हुआ कुल साझा व्यापार पिछले साल की समान अवधि से 50 फीसदी अधिक है। फोरम ने अनुमान लगाया है कि इस साल दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा।
80 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार किया भारत-अमेरिका ने 2020-21 में
पिछले वित्तवर्ष में यह 80 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अमेरिका से 13 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी मिला। दोनों ही देशों ने व्यापार को प्रोत्साहन देने पर आगे भी सहमति जारी रखने की बात कही है।
डील से अमेरिका को भी बड़ा लाभ
समझौते के तहत भारत अमेरिकी चेरी और अल्फाल्फा घास के लिए फाइटो-सैनिटरी प्रमाणपत्र प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके तहत पौधों के रोगमुक्त होने केा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाणपत्र के जरिये अमेरिका अपने कृषि उत्पादों को निर्बाध रूप से भारतीय बाजार में उतार सकेगा। दोनों देशों ने व्यापार में आ रही नई चुनौतियों से निपटने को साझा निर्यात कार्यक्रम बनाने पर भी सहमति जताई है। फोरम में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल श्रम को पूरी तरह रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर बातचीत हुई। साथ ही उत्पादन के स्तर पर आत्मनिर्भर बनने के लिए श्रम साझा करने पर सहमति बनाई गई।
सामाजिक सुरक्षा टैक्स पर भी मंथन
भारत ने एक बार फिर वीजा नियमों के तहत सामाजिक सुरक्षा टैक्स का मुद्दा उठाया और अमेरिका से इस पर समझौता करने की अपील की। भारत ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले अप्रवासी भारतीय हर साल उसकी सामाजिक सुरक्षा में 1 अरब डॉलर का योगदान देते हैं। लिहाजा उन्हें सामाजिक सुरक्षा टैक्स से छूट दी जानी चाहिए। इसका फायदा दोनों ही देशों के नागरिकों को होगा।