I-T डिपार्टमेंट ने 'रोटोमैक' पर कसा शिकंजा, 14 अकाउंट सीज, CBI ने कहा- नहीं किया है गिरफ्तार
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3700 करोड़ रुपये के बैंकों से फ्रॉड करने के मामले में फंसे कानपुर स्थित रोटोमैक ग्रुप के मालिक विक्रम कोठारी पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपना शिकंजा कस दिया है।
डिपार्टमेंट ने कंपनी के 14 बैंक खातों को अटैच कर दिया है। वहीं विक्रम कोठारी पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए लोन की राशि को सट्टेबाजी में लगा दिया। CBI ने यह भी साफ किया है कि कोठारी को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उनसे पूछताछ की जा रही है।
Income Tax Department attaches 14 bank accounts of #Rotomac Group of Companies. These accounts belongs to various banks. 3 accounts belong to promoter #VikramKothari and his family: IT Sources
— ANI (@ANI) February 20, 2018
CBI clarifies on #VikramKothari matter, says he has not been detained but is being questioned. #RotomacPens
— ANI (@ANI) February 20, 2018
जनवरी में किए गए थे तीन बैंक अकाउंट अटैच
इससे पहले डिपार्टमेंट ने जनवरी में कंपनी के तीन बैंक अकाउंट को पहले से ही अटैच किया था। डिपार्टमेंट ने इन अकाउंट्स को इसलिए अटैच किया है ताकि लोन लिए गए अमाउंट की रिकवरी की जा सके।
लोन देने से लेकर खाते एनपीए होने तक इन 10 सालों में सात बैंकों के दो सौ से ज्यादा बड़े अफसरों के सामने से विक्रम कोठारी के ऋणों की फाइलें दौड़ती रहीं। किसी ने भी इन पर एक्शन लेने की मंशा जाहिर नहीं की। बैंक ऑफ बड़ौदा ने अब कोठारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
20 करोड़ की संपत्ति पर 352 करोड़ का कर्ज
बैंकों ने विक्रम कोठारी की कई कंपनियों को खैरात की तरह कर्ज बांटा। सैकड़ों करोड़ रुपये का कर्ज देकर बंधक संपत्तियों के नाम पर सिर्फ खानापूरी की। इलाहाबाद बैंक के आला अधिकारियों ने सीधे तौर पर कोठारी को लाभ पहुंचाने का काम किया।
चौंकाने वाली हकीकत ये है कि इलाहाबाद बैंक ने जिन संपत्तियों के बदले विक्रम कोठारी को 352 करोड़ रुपये का लोन दिया था। उनकी सर्किल रेट के आधार पर कीमत सिर्फ 12 करोड़ रुपये ही निकली।नतीजा ये हुआ कि संपत्तियों की नीलामी के बाद भी इलाहाबाद बैंक पर कोठारी का 330 करोड़ रुपये बकाया है। ये रकम इलाहाबाद बैंक अब वसूल नहीं पाएगा। यही स्थित छह अन्य बैंकों की है।
प्रत्येक बैंक ने किया ऐसा
अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया है कि हर बैंक ने महज पांच से 15 फीसदी यानी औसत 10 फीसदी कीमत वाली संपत्तियां बंधक रखकर कोठारी को कर्ज दिया। इलाहाबाद बैंक के बाद सिर्फ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ही अपने कर्ज की वसूली के लिए इनकी संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया में आया है। बाकी बैंक अभी चुप्पी साधे बैठे रहे।
इन संपत्तियों की हो चुकी है नीलामी
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के नाम संपत्ति
- 24/6 तुलसा कोठी माल रोड, यूनिट नंबर-201 द मॉल कानपुर
साधना कोठारी पत्नी विक्रम कोठारी के नाम संपत्ति
फ्लैट नंबर- 102, फर्स्ट फ्लोर, आनंद प्रगति अपार्टमेंट तिलक नगर, फ्लैट नंबर- 902, नौवीं मंजिल इंद्रधनुष अपार्टमेंट गुटैया
विक्रम कोठारी के नाम संपत्ति
फ्लैट नंबर 302 थर्ड फ्लोर आनंद एमवीआर प्रेस्टीज, तिलक नगर
राहुल कोठारी के नाम संपत्ति
बैकुंठपुर गांव में कई हेक्टेअर में फैले फार्म हाउस, खाली जमीन