GST: शादी-ब्याह करना हो जाएगा महंगा, युवाओं-फैमिली पर ऐसे पड़ेगा असर
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शादी-ब्याह वाले घरों में जीएसटी की चर्चा खूब गरम है। शादी के मौके पर बड़ी खरीदारी करनी होती है। मध्य वर्ग के लिए करों का भार बड़ा बोझ बन सकता है। ऐसे में यहां हमने यह समझने की कोशिश की है कि जीएसटी उनके बजट पर क्या असर डालेगा।
1. मुझे बिटिया को उपहार देने के लिए टीवी-फ्रिज खरीदना है। अभी लें या जीएसटी का इंतजार करें?
अलग-अलग राज्यों में इनपर 23 से 28 फीसदी तक टैक्स बैठता है। ऐसे में जीएसटी के बाद भी इनकी कीमत पर कोई खास असर नहीं होगा। दिल्ली जैसे कुछ राज्यों में जहां एंट्री टैक्स या आॉक्ट्रॉय नहीं है वहां 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
2. घर में शादी के लिए ढेर सारे कपड़े खरीदने हैं। रुकने में फायदा होगा या नुकसान?
टेक्सटाइल पर पहली बार 5 फीसदी टैक्स के बावजूद परिधान महंगे नहीं होंगे। 1,000 रुपये से कम कीमत वाले पोशाक पर 5 फीसदी की दर है जब कि इससे ज्यादा कीमत पर 12 फीसदी। उद्योग जगत का मानना है करों में फेरबदल का असर कीमत पर बहुत अधिक असर नहीं डालेगा।
3. फुटवियर सस्ते होंगे या महंगे?
500 रुपये से कम मूल्य के फुटवियर पर टैक्स घटने से ये सस्ते होंगे। अधिक कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी की दर लगभग उतनी ही रहेगी जितना कि अभी वैट और एक्साइज मिलाकर होता है। इससे इनकी कीमत पर कोई खास परिवर्तन नहीं होगा।
4. फर्नीचर के लिए अभी करना चाहिए?
ठोस लकड़ी के फर्नीचर पर जीएसटी का कोई खास असर नहीं होगा लेकिन प्लाईबोर्ड से बने फर्नीचर महंगे हो जाएंगे क्योंकि इनपर 28 फीसदी का जीएसटी देय होगा। फर्नीचर में बहुत सारा काम जॉबवर्क से होता है और 20 लाख के टर्नओवर वाले जॉबवर्कर जीएसटी से मुक्त होंगे। इसका लाभ उत्पादकों को मिलने से ग्राहकों को इसका फायदा दे सकते हैं।
5. सोने के जेवर के दाम बढ़ जाएंगे क्या?
फिलहाल सोने पर 1 फीसदी एक्साइज और 1 फीसदी वैट यानी कुल 2 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में 3 फीसदी कर हो जाएगा। अभी मेकिंग पर कोई कर नहीं लगता लेकिन जीएसटी में 18 फीसदी लगने लगेगा। ऐसे में सोने के जेवर के दाम बढ़ जाएंगे।
6. किचन के साजो-सामान पर क्या होगा असर?
किचन के काम आने वाले बर्तन और अन्य सामान पर एक्साइज और वैट की दर लगभग 18 फीसदी बैठती थी। जीएसटी लागू होने पर भी जीएसटी की दर लगभग इतनी ही रहेगी। जिन सामानों में मेटल के साथ प्लास्टिक के भी उपयोग किए गए हैं उनकी कीमत 3-4 फीसदी तक बढ़ सकती है।
युवा वर्ग पर ये पड़ेगा जीएसटी का असर
7. फिल्म देखना सस्ता पड़ेगा या महंगा?
मनोरंजन कर की जगह जीएसटी लागू हो जाएगा। अभी अलग-अलग राज्यों में मनोरंजन कर की दर 35 से 55 फीसदी की है। फिल्म टिकट पर जीएसटी की अधिकतम दर 28 फीसदी है जबकि 100 रुपये से कम कीमत के टिकट पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। सिनेमा टिकट पर राज्यों को यह अधिकार है कि जीएसटी के अतिरिक्त वे स्थानीय कर लगाएं।
8. कार और बाइक की कीमतों पर क्या होगा असर?
फिलहाल आम पैसेजर कारों और दोपहिया वाहनों पर टैक्स की औसत दर 30 फीसदी से थोड़ी ऊपर बैठती है। लेकिन अलग-अलग आकार और सेगमेंट के चलते कारें करों के न्यूनतम स्लैब में आती थीं। अब उनपर भी फिक्स स्लैब के हिसाब से कर लगेगा जिससे वे महंगी हो जाएंगी। इनकी कीमतों में 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन लग्जरी और आयातित सेगमेंट की कारों पर कर का बोझ थोड़ा कम होगा।
9. कंप्यूटर, लैपटॉप की कीमतों पर क्या असर होगा?
जीएसटी लागू होने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्रेताओं के बीच कीमत का भारी अंतर खत्म हो जाएगा लेकिन इनकी कीमत बढ़ सकती है। एसेंब्लड कंप्यूटर का समय खत्म हो जाएगा क्योंकि वे सस्ते नहीं रहेंगे।
10. मोबाइल फोन महंगे होंगे या सस्ते?
मोबाइल पर कुछ राज्यों में वैट की दर 5 फीसदी है तो कुछ में 12 फीसदी। जीएसटी के बाद आयातित मोबाइल के मुकाबले देसी फोन महंगे होंगे। तकरीबन 5 फीसदी बढ़ोतरी का आकलन है।
11. होटलों में खाना-खिलाना जेब पर कैसे डालेगा असर?
नॉन एसी रेस्टोरेंट पर 12 फीसदी और एसी रेस्टोरेंट पर 18 फीसदी का जीएसटी लगेगा। करों की यह दर वर्तमान कर से कम ही बैठेगी। सरकार ने अवैध रूप से वसूले जा रहे ‘सर्विस चार्ज’ को खत्म कर दिया है जो राहत देगी।
12. यात्रा पर कितना असर डालेगा जीएसटी?
एसी ट्रेन से यात्रा थोड़ी महंगी हो जाएगी। एसी टिकट पर मौजूदा 4.5 फीसदी की जगह 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले से खरीदे हुए टिकट पर यात्रा के समय अतिरिक्त राशि ले ली जाएगी। हवाई यात्रा में इकनॉमी क्लास पर कर थोड़ कम होगा जबकि बिजनेस क्लास पर बढ़ जाएगा। सड़क यात्रा भी थोड़ी महंगी होगी।
मकान खरीदने पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर
मकान की कीमतों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने का आकलन है। एक कर दर होने से अनिवासी भारतीयों के लिए मकान खरीदना आसान होगा। जीएसटी में भवन निर्माण की सामग्री पर 18 और 28 की दर है। वर्क कॉंन्ट्रैक्ट पर 12 फीसदी। बिल्डरों को जीएसटी पर इनपुट क्रेडिट भी मिलेगा जिससे प्रभावी कर दर कम होगी। नया कानून ‘रेरा’ के आने से रियल एस्टेट में पारदर्शिता आएगी और बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ेगी।
14. मकान बनाना सस्ता होगा या महंगा?
मकान बनाने में आने वाले मार्बल, कीमती पत्थर सहित अन्य निर्माण सामग्री पर कर का बोझ बहले से अधिक होगा। मार्बल पर औसतन कर 18-24 फीसदी था जबकि सीमेंट पर वैट की दरें इनपुट के हिसाब से अलग-अलग थीं लेकिन उत्पाद कर जोड़ने के बाद भी कुल कर 24 फीसदी के दायरे में था। इनकी कीमत में बढ़ोतरी दिखेगी।
15. बीमा खरीदना महंगा होगा या सस्ता?
जीएसटी में समान पॉलिसी के लिए बीमा का प्रीमियम बढ़ जाएगा। टर्म प्लान और गैर बीमा उत्पाद पर कर की लागत बढ़ जाएगी। इन पर जीएसटी की दर 18 फीसदी हो जाएगी जबकि फिलहाल यह 15 फीसदी है। इस तरह से 3 फीसदी का इजाफा हो जाएगा।
16. क्या बैंकिंग और निवेश का प्रबंधन महंगा हो जाएगा?
वित्तीय बाजार में लेन-देन फीस में बढ़ोतरी होगी क्योंकि जीएसटी में इसे 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। अभी तक इनपर 15 फीसदी की दर से कर देय होता था। म्यूचूअल फंड में निवेश भी महंगा हो जाएगा।
17. बच्चों को पढ़ाने-लिखाने पर क्या होगा जेब पर असर?
वैसे तो शिक्षा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन कोचिंग पर फिलहाल 15 फीसदी का सेवा कर है जो बढ़कर 18 फीसदी हो जाएगा। इसी तरह से स्कूल-कॉलेज बाहर की कई सेवाएं लेती हैं मसलन सुरक्षा गार्ड, हॉस्टल आदि-आदि। इन सभी पर कर का बोझ बढ़ेगा। इसका अप्रत्यक्ष रूप से भार अभिभावकों पर ही आएगा। कुल मिलाकर शिक्षा थोड़ी महंगी होने वाली है।
19. स्वास्थ्य बीमा पर इसका क्या असर होगा?
स्वास्थ्य बीमा पर फिलहाल 15 फीसदी का सेवा कर लगता है जो बढ़कर 18 फीसदी हो जाएगा। इस तरह से जीएसटी के बाद स्वास्थ्य बीमा महंगा हो जाएगा।