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चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में आ सकती है 25 फीसदी की गिरावट: अर्थशास्त्री

Sun, 17 Jan 2021 10:10 PM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 17 Jan 2021 10:10 PM IST
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Economist Says, Indian economy may fall by 25 percent in current fiscal year
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

देश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरुण कुमार का मानना है कि सरकार के दावे के विपरीत अर्थव्यवस्था में अधिक तेजी से सुधार नहीं आ रहा है। कुमार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 25 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

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कुमार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बड़ी गिरावट से बजट अनुमान पूरी तरह दायरे से बाहर निकल गया है और बजट को दुरुस्त करने की जरूरत है। कुमार ने पीटीआई से साक्षात्कार में कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि में उतनी तेजी से सुधार नहीं आ रहा है, जैसा सरकार दिखा रही है।
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असंगठित क्षेत्र की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और सेवा क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण हिस्से भी उबर नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे विश्लेषण के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 25 फीसदी की गिरावट आएगी। अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान सिर्फ आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन हुआ। यहां तक कि कृषि क्षेत्र में भी वृद्धि नहीं हुई। 

भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसदी की गिरावट आएगी। वहीं राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अर्थव्यवस्था में 7.7 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर कुमार ने कहा कि सरकार ने अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर की तिमाहियों के लिए जो जीडीपी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, उनमें भी कहा गया है कि इन आंकड़ों में बाद में संशोधन होगा।


उन्होंने कहा कि भारत का राजकोषीय घाटा पिछले साल से अधिक रहेगा। राज्यों का राजकोषीय घाटा भी ऊंचे स्तर पर रहेगा। उन्होंने कहा कि विनिवेश राजस्व भी कम रहेगा। कर और गैर-कर राजस्व में भी कमी आएगी।

कुमार ने कहा कि भारत का आर्थिक पुनरोद्धार कई कारकों पर निर्भर करेगा। ‘कितनी तेजी से टीकाकरण होता है और कितनी तेजी से लोग अपने काम पर लौट पाते हैं। उन्होंने कहा कि हम 2021 में 2019 के उत्पादन स्तर पर नहीं पहुंच पाएंगे। संभवत: टीकाकरण के बाद 2022 में हम 2019 के उत्पादन का स्तर हासिल कर पाएं।

उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में वृद्धि दर निचले आधार प्रभाव की वजह से अच्छी रहेगी, लेकिन उत्पादन 2019 की तुलना में कम रहेगा।

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