फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   diamond traders in surat does not give heavy bonus to employees this year

दो साल तक बोनस में खूब बांटे कार और फ्लैट, नोटबंदी-जीएसटी में 'छिन' गए सारे गिफ्ट

Thu, 09 Nov 2017 12:45 PM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Thu, 09 Nov 2017 12:45 PM IST
विज्ञापन
diamond traders in surat does not give heavy bonus to employees this year

जुलाई से लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स और इससे पहले नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के कारण इसका असर इस साल सूरत के हीरा कारोबारियों पर भी पड़ा है। अपने कर्मचारियों को दिवाली पर भारी भरकम बोनस के तौर पर महंगे गिफ्ट्स जैसे कि घर, कार, बाइक और ज्वैलरी देने वाली कंपनियों ने तौबा कर ली है। इस साल किसी भी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया है और इसे अगले साल तक के लिए टाल दिया है। 

विज्ञापन


सूरत में हैं सबसे ज्यादा करोड़पति

दक्षिण गुजरात के सूरत शहर में सबसे ज्यादा करोड़पति रहते हैं। हीरा कारोबार का प्रमुख सेंटर होने के कारण हर साल अरबों रुपये का व्यापार यहां की डायमंड कंपनियां करती हैं। सूरत के मश्हूर व्यापारियों में शुमार हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सावजी ढोलकिया पिछले तीन सालों से बोनस देने के मामले में पूरे देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं।
विज्ञापन


पढ़ें- सूरत के हीरा व्यापारी ने कर्मचारियों को बोनस में दी 1200 कारें
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल उन्होने अपने कर्मचारियों को 400 से अधिक अपार्टमेंट और एक हजार से अधिक गाड़ियां बोनस के तौर पर दी थी। कंपनी में करीब 5500 कर्मचारी काम करते हैं और इसका वार्षिक टर्नओवर 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। 

2015 में दिया था ये गिफ्ट

diamond traders in surat does not give heavy bonus to employees this year
harekrishna

इससे पहले 2015 में ढोलकिया ने अपने कर्मचारियों को 491 फिएट कार, 200 की संख्या में 2बीएचके फ्लैट और 1200 कर्मचारियों को ज्वैलरी गिफ्ट में दी थी। 2016 में कंपनी ने डेटसन और मारुति से टाईअप करके 2000 कर्मियों को गिफ्ट दिया था। लेकिन इस साल ऐसा कोई भारी भरकम गिफ्ट नहीं दिया गया है। 

इनकम टैक्स अधिकारियों की भी नजर
जीएसटी, नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स अधिकारियों की भी नजर ऐसे बोनस पर ज्यादा हो गई है। जीएसटी में अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को एक साल में 50 हजार रुपये से ज्यादा मूल्य का गिफ्ट देती है तो उस पर टैक्स देय होगा। इस वजह से भी सूरत के हीरा कारोबारियों ने इस साल दिवाली पर कोई गिफ्ट बोनस के तौर पर अपने कर्मियों को नहीं दिया है। 

जीएसटी के बाद कारोबार में हुआ बदलाव
जीएसटी के लागू होने के बाद हीरा कारोबारी अपने माल को देश में न बेचकर के हांगकांग के जरिए बाहर भेज रहे हैं। भारत में बेचने पर जीएसटी लग रहा है, वहीं एक्सपोर्ट करने पर इसमें छूट मिल रही है।

अब यूरोप के लिए भेजे जा रहे डायमंड गोल्ड पेंडेंट को भी हांगकांग भेजा जा रहा है, क्योंकि वो कस्टम फ्री पोर्ट है। व्यापारी यहां से डायमंड भेजते हैं और हांगकांग में गोल्ड पेंडेंट खरीदकर दोनों को यूरोप भेजते हैं।

बड़े कैश ट्रांजेक्शन पर लगी रोक से भी हीरा कारोबारियों के बिजनेस पर असर पड़ा है। पहले पूरा व्यापार कैश में होता था और कर्मचारियों को सैलरी भी कैश में मिलती थी, जिसको अब ऑनलाइन करना पड़ा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed