आखिर एयर इंडिया लगातार क्यों है पीछे?
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देश में हवाई यात्रियों की तादाद बढ़ने के बावजूद एयर इंडिया यात्रियों को अपनी ओर खींचने के मामले में निजी एयरलाइंस से पिछड़ती जा रही है।
गत अप्रैल में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या सालाना आधार पर 4.75 फीसदी बढ़कर 53.18 लाख तक पहुंच गई है। लेकिन इसका पूरा फायदा प्राइवेट एयरलाइंस ने उठाया है।
घरेलू यात्रियों में एयर इंडिया की हिस्सेदारी घटकर 18.3 फीसदी रह गई है। जबकि मार्च में एयर इंडिया की हिस्सेदारी 20.4 फीसदी थी। सीट फैक्टर के मामले में भी एयर इंडिया का प्रदर्शन गिरा है।
दूसरी कंपनियां मार रही हैं बाजी
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गत जनवरी से अप्रैल के दौरान घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या करीब दो फीसदी बढ़ी।
लेकिन इनमें एयर इंडिया की हिस्सेदारी घटकर 18.3 फीसदी रह गई है। हालांकि, अभी भी एयर इंडिया यात्री संख्या के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइंस हैं, लेकिन गिरते प्रदर्शन को देखते हुए यह स्थान छिन सकता है।
अप्रैल में सबसे ज्यादा 31.6 फीसदी यात्रियों ने इंडिगो की उड़ान भरी। जबकि 17.9 फीसदी और 17.5 फीसदी यात्रियों के साथ स्पाइस जेट और जेट एयरवेज एयर इंडिया को कड़ी टक्कर दे रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरेगी गो एयर
वाडिया समूह की एयरलाइंस गो एयर ने अगले साल गर्मियों से इंटरनेशनल उड़ान शुरू करने की तैयारियों में जुट गई है। फिलहाल एयरलाइंस के पास 19 एयरक्राफ्ट हैं और जुलाई में 20 वें एयरक्राफ्ट की डिलीवरी मिलते ही एयरलाइंस इंटरनेशनल परमिट के लिए आवेदन करेगी।