इस गलती की वजह से नरेश गोयल को देना पड़ा इस्तीफा, ऐसे डूबी जेट एयरवेज
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काफी अरसे से घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने हाल ही में बोर्ड की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। एक समय था जब नरेश गोयल जेट एयरवेज के प्रमुख प्रमोटरों में से एक थे। इस संकट की घड़ी के बीच उन्होंने कर्मचारियों को भावुक पत्र भी लिखा था और कहा था कि कंपनी के लिए वो कोई भी बलिदान देने को तैयार हैं।
जेट एयरवेज पर संकट के बादल
आज जेट एयरवेज पर पायलट, कर्मचारियों, कर्जदाताओं, बैंकों और वेंडरों का काफी कर्ज बकाया है। तेल कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जेट एयरवेज ने जिन कंपनियों से विमान किराए पर लिए हैं, उनसे भी कंपनी के संबंध कुछ ठीक नहीं हैं। इस साल जनवरी में कंपनी ने एसबीआई अधिकारियों के साथ कर्ज योजना को लेकर बैठक भी की थी, जिसमें वेंडर और कर्जदाता भी शामिल थे। बता दें कि ऑडिट प्रक्रिया दिसंबर में ही शुरू हो गई थी।
कैसे डूबी विमानन कंपनी जेट एयरवेज?
मीटिंग के दौरान जिन कंपनियों से जेट एयरवेज ने विमान किराए पर लिए थे, उन कंपनियों ने आपत्ति जताई थी कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया उनके साथ सारी जानकारी साझा क्यों नहीं कर रहा हैं। तब गुस्से में आए जेट के फाउंडर ने उन कंपनियों से उनके विमान वापस लेने को कह दिया था। ऐसा माना जाता है कि गोयल के इस कदम की वजह से उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इस संदर्भ में एक अधिकारी ने कहा था कि एसबीआई के साथ हुई वो मीटिंग पूर्णत: असफल रही थी। इस बैठक के बाद से जेट ने अपनी उड़ाने भी स्थगित कीं। इतना ही नहीं, भारी नकदी से जूझ रही जेट एयरवेज की मंगलवार को उड़ानों की संख्या घटकर महज 32 रह गई।