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इन कंपनियों में सरकार जल्द बेच सकती है हिस्सेदारी, विनिवेश की प्रक्रिया शुरू
Tue, 27 Aug 2019 12:56 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 27 Aug 2019 12:56 PM IST
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को 51 फीसद से कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी (ONGC), आईओसी (IOC), गेल (GAIL) और एनटीपीसी (NTPC) जैसी कई महारत्न और नवरत्न कंपनियों से अब जल्द ही पीएसयू (PSU) का टैग छिन सकता है। इन कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम होने की स्थिति में उनसे पीएसयू का टैग छिन जाएगा।
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इसके लिए सरकार ने लगभग एक दर्जन कंपनियों की पहचान भी की है। निवेशक और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) इसके फायदे और नुकसान पर चर्चा करने के लिए एक पत्र और योजना को पूरा करने के लिए एक रणनीति तैयार कर रहा है।
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प्रारंभिक सूची में लगभग दर्जन कंपनियों की पहचान की गई है। सूची में वो कंपनियां शामिल हैं, जिनमें सरकार की हिस्सेदारी 50 फीसद से 60 फीसद तक है। इस संदर्भ में सरकारी सूत्रों का कहना है कि Dipam मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श करेगा। कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की भी कोशिश की जाएगी।
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विनिवेश के लिए आईओसी, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, ऑयल इंडिया, गेल, नाल्को, बीपीसीएल और ईआईएल जैसी कंपनियों को शामिल किया जा सकता है।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सार्वजनिक उपक्रमों में आरक्षण नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिस्सेदारी बेचने के बाद कोई विवाद पैदा न हो।
हालांकि इसके लिए अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। विचार-विमर्श के बाद ही इस संदर्भ में कैबिनेट नोट लाया जाएगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि विनिवेश की मात्रा को भी अब तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।