ये हैं 30 साल से कम के 45 भारतीय, दुनिया ने माना लोहा
45 भारतीय और भारतीय मूल के लोगों ने फोर्ब्स की 30 से कम उम्र के उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों की सालाना सूची में जगह बनाई है। ये वे लोग हैं जो अपने क्षेत्र में कारोबार के तौर तरीकों को बदलकर नई शुरूआत कर रहे हैं। फोर्ब्स की पांचवीं सालाना अंडर 30 सूची में 600 महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। ये अमेरिका के सबसे अहम युवा उद्यमी, रचनात्मक नेता और चमकते सितारे हैं।
ये उपभोक्ता टेक्नोलॉजी, शिक्षा, मीडिया, मैन्यूफैक्चरिंग और इंडस्ट्री, कानून एवं नीति, सामाजिक उद्यमिता, विज्ञान और कला विज्ञान सहित 20 विभिन्न क्षेत्रों में दुनिया को बदल रहे हैं। फोर्ब्स ने कहा है कि पहले के समय में युवा होना पेशेवर सफलता की राह में बाधा समझा जाता था। अधिक उम्र के होने का मतलब था ज्यादा संसाधन, ज्यादा ज्ञान, अधिक पैसा। लेकिन अब ऐसा नहीं है।
टेक युग में बड़े होने वालों की महत्वकांक्षाएं बड़ी हैं, जो कि गतिशीलता, उद्यमिता और अधीर डिजिटल दुनिया के लिए सटीक है जिसमें वे बड़े हुए हैं। फोर्ब्स ने कहा कि अगर आप दुनिया को बदलना चाहते हैं तो 30 से कम उम्र का होना अब आपको लाभ में रखता है।
युवा होना सफलता की राह में बाधा नहीं रह गया
कंज्यूमर टेक सेगमेंट में 22 वर्ष के रितेश अग्रवाल ओयो रूम्स के सीईओ और संस्थापक हैं। उनको भारत के एयरबीएनबी के तौर पर देखा जा रहा है। एयरबीएनबी एक वेबसाइट है, जिस पर लॉगिन कर आप किराए पर आवास हासिल कर सकते हैं। यह 190 देशों के 34,000 शहरों में लिस्टेड है।
फोर्ब्स के मुताबिक ऐसे देश में जहां बजट होटल चेन की मजबूत आपूर्ति का अभाव है, ओयो ने भारत के 100 शहरों में 2,200 छोटे होटलों का नेटवर्क तैयार किया है। इस फील्ड में 28 वर्ष के गगन बियानी और नीरज बेरी हैं, उन्होंने संप्रिग की स्थापना की है। यह एक मोबाइल ऐप है, जो स्वास्थवर्धक भोजन पाने और आर्डर करने की सुविधा देने के साथ तेजी से डिलिवर भी करता है।
वहीं 25 वर्ष की करिश्मा शाह अल्फाबेट् की गूगल एक्स में नियुक्त की जाने वाली सबसे युवा हैं। गूगल यहां पर ऐसे लोगों को नियुक्त करता है जो ऐसी टेक्नोलॉजी बना सकें, जिसका उपयोग दुनिया की बड़ी परेशानियों को दूर करने में किया जा सके।