चौथी तिमाही में आईटीसी को हुआ 19 फीसदी का लाभ, संजीव पुरी बने चेयरमैन
आईटीसी का लाभ 19 फीसदी बढ़कर 3482 रुपये पहुंच गया। शनिवार को ही कंपनी के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर का निधन हो गया था। 72 वर्षीय देवेश्वर ने 2017 में कार्यकारी की भूमिका से मुक्ति ले ली थी और वह कंपनी के गैर कार्यकारी चेयरमैन के पद पर थे।
कंपनी ने अब उनकी जगह संजीव पुरी को अपना नया चेयरमैन बना दिया है। चौथी तिमाही के नतीजे के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट रही। कंपनी के शेयर 1.5 फीसदी गिरकर 294 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
कई क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनी आईटीसी लिमिटेड ने 31 मार्च 2019 को समाप्त वर्ष के लिए 5.75 फीसदी के लाभांश की घोषणा की है। कंपनी ने मार्च तिमाही में एकल आधार पर 3,481.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया जो बीते साल की समान अवधि के 2,932.71 करोड़ रुपये की तुलना में 18.72 फीसदी अधिक है।
आलोच्य अवधि में कंपनी की कुल आय 12,946.21 करोड़ रुपये रही। यह राशि बीते साल की समान अवधि में 11,329.74 करोड़ रुपये की तुलना में 14.26 फीसदी अधिक है। 31 मार्च 2019 को समाप्त आलोच्य अवधि में कंपनी का एफएमसीजी से राजस्व 7,988.29 करोड़ रुपये की तुलना में 8,759.84 करोड़ रुपये रहा।
आईटीसी के सीएमडी बने संजीव
आईटीसी समूह ने अपने एमडी संजीव पुरी को प्रोन्नत कर चेयरमैन व प्रबंध निदेशक नियुक्त कर दिया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने सोमवार को पुरी की नियुक्ति की। यह नियुक्ति 13 मई से प्रभावी है। कंपनी ने नियामकीय सूचना में बताया है कि अब उनका नया पद चेयरमैन और प्रबंध निदेशक होगा।
2017 में आईटीसी ने कार्यकारी चेयरमैन की भूमिका को चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बीच बांट दी थी। कंपनी ने अपनी उत्तराधिकार योजना के तहत यह बंटवारा किया था। संजीव पुरी कार्यकारी प्रबंधन के मुखिया की भूमिका में थे और देवेश्वर मेंटर की भूमिका निभा रहे थे।