एयर इंडिया के चेयरमैन बोले: ईंधन की सप्लाई में रोक के बावजूद उड़ानें प्रभावित नहीं
एयर इंडिया पर तीन तेल कंपनियों का 4500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे हवाई कंपनी ने पिछले सात महीने से नहीं चुकाया है। तीनों तेल कंपनियों ने देश के छह हवाई अड्डों पर ईंधन की सप्लाई रोक दी थी। इस संदर्भ में एयर इंडिया के चेयरमैन ने कहा है कि फंड्स में कमी की वजह से कंपनी को तेल की सप्लाई रोकी गई है। लेकिन इससे कंपनी की सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।
Chairman and Managing Director of Air India, Ashwani Lohani on oil marketing companies (OMCs) stop supplies to Air India at 6 airports: It is because of an overall shortage of funds but doesn't reflect on the operational performance and recent efforts of the airline. (file pic) pic.twitter.com/dkxaZ9vgfF
— ANI (@ANI) August 25, 2019विज्ञापन
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि एयर इंडिया को 90 दिन का क्रेडिट पीरियड मिलता है। आज की तारीख में ईंधन लेने पर उनको 21 नवंबर तक भुगतान करना होता है। लेकिन अभी सरकारी हवाई कंपनी ने 200 दिनों से किसी तरह का भुगतान नहीं किया है, जिससे यह कदम उठाना पड़ा।
60 करोड़ रुपये समुद्र में बूंद के समान
एयर इंडिया ने 60 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी, जो कि समुद्र में बूंद के समान है। ईंधन की सप्लाई रोकने से पहले तीनों तेल कंपनियों ने एयर इंडिया को एक हफ्ते पहले पत्र लिखा था, लेकिन इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। तेल कंपनियों का तर्क है कि उनको सरकार से किसी भी तरह की वित्तीय मदद नहीं मिलती है, जबकि एयर इंडिया को सरकार से पूरी मदद मिलती है।
तेल कंपनियों ने जिन हवाई अड्डों पर सप्लाई को रोक दिया है, उनमें रांची, मोहाली, पटना, विशाखापट्टनम, पुणे और कोच्चि शामिल हैं। इंडियन ऑयल के प्रवक्ता ने कहा कि गुरुवार शाम से ईंधन आपूर्ति को रोक दिया गया है। हम हवाई कंपनी के संपर्क में हैं, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
पहले भी रोकी गई थी आपूर्ति
इससे पहले भी दो बार तेल कंपनियां एयर इंडिया को ईंधन की आपूर्ति रोक चुकी हैं। 16 जुलाई को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बकाए का भुगतान नहीं होने पर पटना, पुणे, चंडीगढ़, कोचीन, विशाखापट्टनम और रांची जैसे कुछ हवाई अड्डों पर ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी।