गौतम अडाणी: मीडिया रिपोर्ट्स को समूह ने बताया गलत, लेकिन निवेशकों को लगी हजारों करोड़ की चपत
अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में उथल-पुथल से आज एक घंटे के अंदर ही निवेशकों के करीब 55 हजार करोड़ रुपये डूब गए। समूह ने विदेशी फंड्स से जुड़ी रिपोर्ट्स का खंडन किया है, लेकिन दिनभर के कारोबार के बाद निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
विस्तार
आज दिनभर गौतम अडाणी के नेतृत्व वाली अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में उथल-पुथल रही। शुरुआती कारोबार में उनकी कई कंपनियों में लोअर सर्किट तक लग गया। एक घंटे के अंदर ही निवेशकों के करीब 55 हजार करोड़ रुपये डूब गए। फोर्ब्स बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, आज उनकी संपत्ति में 5.51 फीसदी की कमी आई है। इसके साथ ही अडाणी से अब एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स होने का ताज भी छिन गया है। उनकी जगह चीनी कारोबारी झोंग शानशान ने ले ली है। एक दिन में ही उनका बाजार पूंजीकरण करीब 1.03 लाख करोड़ रुपये कम हो गया।
विदेशी फंड्स के खाते जब्त होने की खबर के बाद आई गिरावट
शेयरों में गिरावट तब आनी शुरू हुई जब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने तीन विदेशी फंड्स Albula इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड के खाते फ्रीज किए हैं। इनके पास अडाणी ग्रुप की चार कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के शेयर हैं। अडाणी एंटरप्राइजेज में इन विदेशी फंड्स की 6.82 फीसदी, अडाणी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडाणी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडाणी ग्रीन में 3.58 फीसदी हिस्सेदारी है। एनएसडीएल की वेबसाइट के अनुसार, इन खातों को 31 मई को या उससे पहले ही फ्रीज कर दिया गया था।
जब लोगों को इस कार्रवाई के बारे में पता चला तो मानो बाजार में एक डर सा पैदा हो गया। लोगों ने अडाणी ग्रुप के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। इसके बाद निवेशकों ने अपने शेयर बेचने शुरू किए और बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत के एक घंटे के कारोबार के भीतर ही कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी तक की गिरावट आई।
समूह ने खबर को बताया गलत, लेकिन निवेशकों को हुआ नुकसान
हालांकि बाद में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने एनएसडीएल द्वारा तीन विदेशी फंड्स के खाते फ्रीज करने की खबर का खंडन किया और कहा कि यह स्पष्ट रूप से गलत है और निवेश करने वाले समुदाय को जानबूझकर गुमराह करने के लिए किया गया है। खंडन के बाद शेयरों में थोड़ा सुधार आया लेकिन अंत में समूह की कंपनियों के शेयर लाल निशान पर ही बंद हुए।
खंडन के बाद संभला अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर
बाजार के खुलते ही समूह के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट के बाद ही लोअर सर्किट लग गया था। वहीं कारोबार के दौरान कंपनी के शेयरों में करीब 25 फीसदी तक की गिरावट आ गई थी। लेकिन बाद में धीरे-धीरे कंपनी के शेयर संभले। आगे जानते हैं समूह की किस कंपनी के शेयर कितने लुढ़के।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 91.25 अंक (5.70 फीसदी) नीचे 1,510.25 के स्तर पर बंद हुआ।
- अडाणी पावर का शेयर 140.90 अंक (4.99 फीसदी) नीचे 140.90 के स्तर पर बंद हुआ।
- अडाणी ट्रांसमिशन के शेयर में 79.85 अंकों की गिरावट आई और यह पांच फीसदी नीचे 1517.25 पर बंद हुआ।
- अडाणी टोटल गैस के शेयर में भी पांच फीसदी की गिरावट आई और अंत में यह 81.25 अंक नीचे 1544.55 पर बंद हुआ।
- अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड 4.13 फीसदी (50.70 अंक) नीचे 1175.95 पर बंद हुआ।
- अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड की बात करें, तो यह 768.70 के स्तर पर बंद हुआ। इसमें 70.10 अंक यानी 8.36 फीसदी की गिरावट आई।
मामले में समूह ने क्या कहा?
इस पूरे मामले में अडाणी समूह ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि जिन विदेशी फंड्स की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में की गई है, वे एक दशक से अधिक समय से अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में निवेशक हैं। डिमर्जर के परिणामस्वरूप स्वामित्व मिला है, जिसकी झलक पोर्टफोलियो कंपनियों में दिख रही है। अडाणी ग्रुप का पोर्टफोलियो प्राइमरी और सेकेन्डरी दोनों लेवल पर निवेशकों और रणनीतिक भागीदारों को आकर्षित करता है। अडाणी पोर्टफोलियो सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की अपनी यात्रा जारी रखे हुए है और इस प्रकार अपने हितधारकों के लिए अत्यधिक वैल्यू सुनिश्चित करता है। हम अपने सभी हितधारकों से आग्रह करते हैं कि वे बाजार की अटकलों से परेशान न हों।
ये है योजना
वर्तमान घोषणाओं और खुलासे के आधार पर, मार्च 2022 में वृद्धि की उम्मीद है। अडाणी पोर्ट्स ने 11 से 12 फीसदी कार्गो वॉल्यूम वृद्धि की तैयारी की है, एजीईएल परिचालन क्षमता वित्त वर्ष 2020 के 2 गीगावाट से 5 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में लगभग 10 गीगावॉट हो जाएगी। इसी तरह, अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड, 2500 सीकेएम जोड़ेगी और 20,000 सीकेएम ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों से अधिक हो जाएगी। यह वित्त वर्ष 2022 और उसके आगे अडाणी की सूचीबद्ध संस्थाओं द्वारा निरंतर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में क्या बताया गया खाते फ्रीज का कारण?
रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों पर ओनरशिप के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से कार्रवाई की गई है। प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बेनिफिशियल ओनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी है। साल 2019 कैपिटल मार्केट्स रेग्युलेटर ने एफपीआई के लिए केवाईसी डॉक्युमेंटेशन को पीएमएलए के मुताबिक कर दिया था। फंड्स को 2020 तक नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया था। सेबी ने कहा था कि नए नियमों का पालन न करने वाले फंड्स का खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। नियमों के अनुसार एफपीआई को कुछ अतिरिक्त जानकारी देनी थी।
जांच कर रहा SEBI
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार नियामक सेबी इस मामले की जांच कर रहा है कि कहीं अडाणी ग्रुप के शेयर्स को मैनुपुलेट तो नहीं किया जा रहा है। यह जांच साल 2020 में शुरू हुई थी और यह अब तक जारी है। एक साल में अडाणी ग्रुप की छह कंपनियों ने 200 से 1000 फीसदी तक का रिटर्न दिया है।