{"_id":"5f75b0b2ec91fd3fc9556e92","slug":"adani-green-energy-completes-acquisition-of-205-mw-solar-energy-assets","type":"story","status":"publish","title_hn":"अडाणी ग्रीन ने पूरा किया 205 मेगावॉट की सौर परिसंत्तियों का अधिग्रहण","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
अडाणी ग्रीन ने पूरा किया 205 मेगावॉट की सौर परिसंत्तियों का अधिग्रहण
Thu, 01 Oct 2020 04:04 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 01 Oct 2020 04:04 PM IST
विज्ञापन
सोलर प्लांट
- फोटो : pixabay
अडाणी ग्रीन एनर्जी ने एस्सेल ग्रीन एनर्जी और एस्सेल इंफ्राप्रोजेक्ट्स से 205 मेगावॉट की परिचालन वाली सौर परसंपत्तियों का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। अडाणी ग्रीन एनर्जी (एजीईएल) ने 29 अगस्त 2019 को एस्सेल ग्रीन एनर्जी और एस्सेल इंफ्राप्रोजेक्ट्स से 205 मेगावॉट की 10 सौर ऊर्जा परिसंपत्तियों का 1,300 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
इन राज्यों में स्थित हैं संपत्तियां
एजीईएल ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है कि ये संपत्तियां पंजाब, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। 'सभी का विभिन्न राज्यों की बिजली वितीण कंपनियों के साथ दीर्घावधि का बिजली खरीद करार (पीपीए) है। यह पोर्टफोलियो अभी नया है। इनका औसतन पीपीए अभी करीब 21 साल बचा है।'
विज्ञापन
इस संदर्भ में अडाणी ग्रीन एनर्जी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनीत जैन ने कहा कि, 'यह एजीईएल को 2025 तक 25 गीगावॉट की अक्षय ऊर्जा कंपनी बनाने की दिशा में एक और कदम है।'
विज्ञापन
ये है कंपनी की योजना
इसके लिए कंपनी की योजना अगले पांच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 1,12,000 करोड़ रुपये निवेश करने की है। मालूम हो कि जून 2020 में ही अडाणी ग्रीन एनर्जी ने बताया था कि उसे एसईसीआई से देश में आठ गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता का विकास करने और दो गीगावॉट क्षमता के उपकरण विनिर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए 45,000 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। एजीईएल ने बताया कि ठेके के तहत वह आठ गीगावॉट की सौर परियोजना का विकास करेगी और साथ ही दो गीगावॉट के अतिरिक्त सौलर सेल और माड्यूल विनिर्माण क्षमता की स्थापना भी की जाएगी।
दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा ठेका
कंपनी ने बताया कि दुनिया में ये अपनी तरह का सबसे बड़ा ठेका है, और इसके लिए 45,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इससे चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोगजार मिलेगा।