राहत: कोरोना के इलाज को एनपीएस खाते से निकाल सकेंगे पैसा, सरकार ने दी आंशिक निकासी की इजाजत
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कोरोना संकट के दौर में सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के करीब 1.35 करोड़ खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। ये खाताधारक अब कोविड-19 के इलाज से जुड़े खर्चों के लिए अपने एनपीएस खाते से आंशिक निकासी कर सकेंगे।
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एनपीएस के सभी खाताधारकों और अंशधारकों को शुक्रवार को जारी सर्कुलर में कहा, भारत सरकार के निर्णय को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा दी जा रही है। कोविड-19 एक गंभीर बीमारी है। इसमें जान जाने का भी खतरा है। इसे पहले ही महामारी घोषित किया जा चुका है।
पीएफआरडीए ने सर्कुलर में कहा, नियम के अनुसार खाताधारकों को कोविड-19 बीमारी के इलाज के लिए आंशिक निकासी की इजाजत दी गई है। जरूरत पड़ने पर खाताधारक पत्नी, बच्चे, कानूनी रूप से गोद लिए बच्चे या आश्रित माता-पिता के इलाज के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकता है।
अटल पेंशन योजना के खाताधारकों को सुविधा नहीं : आंशिक निकासी की यह सुविधा अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के खाताधारकों के लिए नहीं होगी। पीएफआरडीए ने कहा, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि वर्तमान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है जिसके तहत एपीवाई के खाताधारक आंशिक निकासी कर सकें। एनपीएस और एपीवाई पीएफआरडीए की दो प्रमुख पेंशन योजनाएं हैं। दोनों योजनाओं के तहत कुल खाताधारकों की संख्या 31 मार्च, 2020 तक 3.46 करोड़ थी। इसमें 2.11 करोड़ एपीवाई खाताधारक हैं।
एनपीएस में निवेश पर टैक्स छूट
पीएफआरडीए का मानना है कि कोरोना संकट के कारण छोटे कॉरपोरेट के लिए कुछ चुनौतियां हो सकती हैं। हालांकि, प्राधिकरण ने यह भी साफ किया कि पीएफआरडीए की योजना लचीली है। योगदान को लेकर कोई तय तारीख नहीं है। एक वित्त वर्ष के दौरान खाताधारक अपने पेंशन खाते में कभी भी रकम जमा कर सकते हैं। व्यक्तिगत या वेतनभोगी भी एनपीएस योजना का फायदा उठा सकते हैं, जहां सालाना 50,000 रुपये तक की रकम पर टैक्स छूट मिलेगी।