फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   CEO dialogue - Policy in New Vehicle, Mix of justice and intention 

सीईओ संवाद-नई वाहन पॉलिसी में नीति, नीयत और न्याय का हो मिश्रण

Mon, 17 Jun 2019 07:03 AM IST
Avdhesh Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 17 Jun 2019 07:03 AM IST
विज्ञापन
CEO dialogue - Policy in New Vehicle, Mix of justice and intention 
y s guleria - फोटो : Social Media
भारतीय मोटर वाहन बाजार में पिछले साल से आई सुस्ती के कारण दोपहिया वाहन उद्योग भी परेशानी से गुजर रहा है। सरकार ने कहा है कि 2025 से सिर्फ 150 सीसी क्षमता वाले ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री होगी। ऐसे में दोपहिया बनाने वाली देश की दूसरी बड़ी कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड (एचएमएसआई) अपने भविष्य के निवेश कार्यक्रमों की समीक्षा पर विचार कर रही है। इन विषयों पर एचएमएसआई के सीनियर वीपी (सेल्स एंड मार्केटिंग) वाई एस गुलेरिया से बातचीत के अंश। ब्यूरो
विज्ञापन



घरेलू मोटर वाहन बाजार में सुस्ती है और आगामी अप्रैल से बीएस-6 मानक लागू हो रहे हैं। ऐसे में एचएमएसआई की निवेश की क्या रणनीति होगी?

मोटर वाहन बाजार में सुस्ती और बीएस-6 मानक की ओर उठे कदम से सभी कंपनियों पर असर पड़ा है। लेकिन हम अपने गुजरात प्लांट में करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश से जो नया प्रोडक्शन लाइन लगा रहे हैं, उस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हां... नए निवेश के फैसले पर हम सरकार की नई नीति की प्रतीक्षा करेंगे और उसके हिसाब से ही निर्णय लेंगे।
विज्ञापन


सरकार ने कहा है कि अप्रैल, 2023 से सिर्फ ई-तिपहिया और अप्रैल, 2025 से 150 सीसी तक की श्रेणी में सिर्फ ई-दोपहिया की बिक्री होगी। इसका कंपनी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
विज्ञापन
विज्ञापन


हमें भी इस बारे में मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस बारे में कोई औपचारिक नीति नहीं बनी है। लेकिन, मैं कहना चाहूंगा कि यदि इस तरह की नीति बनती है तो उसमें हमारा भी पक्ष सुना जाए। मुझे तो लगता है कि कोई भी पॉलिसी तभी सफल होती है, जब उसमें नीति, नीयत और न्याय तीनों का सम्मिश्रण हो।

होंडा के पास ई-वाहन तकनीक है। फिर उसे यहां लाने में परेशानी क्या है? 

यहां कोई भी तकनीक लाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लेकिन, यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि उस तकनीक की यहां कीमत क्या होगी। भारत एक ऐसा बाजार है, जहां ग्राहक कीमत के बारेे में बेहद संवेदनशील होते हैं। किसी भी नए उत्पाद को यहां लाने से पहले उसकी कीमत और यहां के ग्राहक उसे खरीद सकते हैं या नहीं, उस पर भी विचार करना जरूरी है।

इस साल मोटर वाहनों के लिए बाजार ठीक नहीं रहा है। स्थितियां कब तक बेहतर होने की उम्मीद है?

उम्मीद पर ही दुनिया कायम है। हमें लगता है कि जनवरी-मार्च तिमाही में जो कुछ हुआ, उससे अगले कुछ महीने में निजात मिलेगी। मानसून सामान्य रहा तो त्योहारी मौसम से पहले ही बाजार में स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। 


नई सरकार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करने वाली है। इससे होंडा की क्या अपेक्षा है?

बजट में हम लोगों की तरफ से सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर (सियाम) ने सरकार को प्रतिवेदन दे दिया है। बजट से आम आदमी की तरह उद्योग जगत को भी कुछ-न-कुछ बेहतरी की ही उम्मीद है। हम भी चाहते हैं कि मोटर वाहन क्षेत्र को 28 फीसदी जीएसटी से राहत मिले। देखिए... दोपहिया वाहन कभी  विलासिता की वस्तु रही होगी , लेकिन आज तो यह आवश्यकता है। इस पर 18 फीसदी की दर से ही जीएसटी वसूली हो तो बेहतर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed