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घरेलू स्टार्टअप को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगी सरकार
Thu, 07 Mar 2019 02:26 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 07 Mar 2019 02:26 AM IST
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देश में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बनाने और घरेलू स्टार्टअप को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) से हाथ मिलाया है। आईटी मंत्रालय ने स्टार्टअप क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बुधवार को सीआईआई के साथ तीन साल का करार किया है। उद्योग परिसंघ ने कहा कि एमओयू के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र के स्टार्टअप को कॉरपोरेट-स्टार्टअप-बिजनेस कनेक्ट प्लेटफॉर्म के जरिए उद्योगों से जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें परस्पर लाभ होगा। इन उद्योगों की मदद से स्टार्टअप को विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने में भी आसानी होगी।
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अगर कंपनियों को इन स्टार्टअप में लाभ दिखाई देता है तो वे इन्हें सलाह देने, रास्ता दिखाने, आपूर्ति श्रंखला में शामिल करने और इनमें निवेश करने की जिम्मेदारी संभालेंगी। करार में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह समझौता पूरी तरह से व्यापारिक आधार पर हुआ है, जहां दोनों पक्षों के लाभ को ध्यान में रखा गया है। सीआईआई ने कहा कि एमओयू के तहत सॉफ्ट लैंडिंग का साझा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जहां विदेशी और भारतीय स्टार्टअप को एकसाथ मौके मिल सकेंगे।
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विदेशी स्टार्टअप को भी मौका
सीआईआई और आईटी मंत्रालय विदेशी स्टार्टअप को भारतीय बाजार में लाने के लिए भी बेहतर माहौल तैयार करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए उन्हें सरल शर्तों के साथ आसानी से घरेलू बाजार मुहैया कराया जाएगा। एक बार विदेशी स्टार्टअप का भारतीय बाजार में भरोसा जम गया तो वे बड़े पैमाने पर यहां निवेश कर सकती हैं। इसी तरह, घरेलू स्टार्टअप को विदेशी बाजारों में भी पैर जमाने का मौका मिलेगा।
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अगली पीढ़ी के लिए तैयारी
सीआईआई अध्यक्ष राकेश भारतीय मित्तल ने कहा कि नई नौकरियों के सृजन में गिरावट देश की सबसे बड़ी समस्या है। हमें अगली पीढ़ी के हिसाब से कारोबारी माहौल और प्रतिभाएं तैयार किए जाने की जरूरत है। अभी देश में 30 करोड़ बच्चे 6 से 16 साल की उम्र के बीच हैं, जिन्हें एक दशक बाद नौकरियां चाहिए होंगी। इसके लिए हमें अभी से काम करने की जरूरत है। स्कूली स्तर पर प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें क्षमतावान बनाया जाना चाहिए। उद्योगों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रतिभाओं की जरूरत होगी।
स्टार्टअप के नए नियम सूचीबद्घ
इस बीच, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्टार्टअप के नए नियमों को सूचीबद्घ कर दिया है। इसके तहत स्टार्टअप में 25 करोड़ रुपये तक के निवेश को एंजल टैक्स से छूट मिलेगी और उनका कार्यकाल 10 वर्षों का होगा। सीबीडीटी ने कहा कि नया नियम 19, फरवरी से ही प्रभावी होगा जिस दिन डीपीआईआईटी ने नए मानक जारी किए थे। अभी तक इस पर 30 फीसदी की दर से एंजल टैक्स लगता था।