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एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 4,573 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी
Thu, 31 Dec 2020 06:31 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 31 Dec 2020 06:31 AM IST
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धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : Facebook
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश में एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये 4,573 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी दे दी।
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सरकार ने पेट्रोल में मिलाने के लिए एथनॉल का उत्पादन करने वाली डिस्टिलरीज को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने के वास्ते इस योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद अधिशेष चीनी उत्पादन को खपाना और दूसरी तरफ कच्चे तेल के आयात में कमी लाना है।
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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण को दोगुना कर 20 प्रतिशत करने का है। इसके लिए घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में विस्तारित एथनॉल उत्पादन क्षमता के लिए ब्याज सहायता की संशोधित योजना को मंजूरी दे दी है।
प्रधान ने कहा कि सरकार पांच साल ब्याज सहायता का बोझ वहन करेगी। इसमें परियोजना के लिए बैंकों से लिए गए ऋण के भुगतान पर एक साल की रोक की अवधि भी शामिल होगी। सरकार योजना के तहत छह प्रतिशत वार्षिक या बैंकों द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) वहन करेगी।
यह ब्याज सहायता नयी और मौजूदा शीरा या अनाज आधारित डिस्टिलरीज के विस्तार और चुकंदर, ज्वार और मोटे अनाज से एथनॉल का उत्पादन करने वाली इकाइयों को दी जाएगी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि पूर्व में 4,687 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी दी गई थी। अब 4,573 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
फिलहाल देश की शीरा आधारित एथनॉल उत्पादन क्षमता 426 करोड़ लीटर की है। इस क्षमता का इस्तेमाल शराब उद्योग और पेट्रोल में मिश्रण के लिए आपूर्ति किया जाता है।
प्रधान ने कहा कि 2019-20 एथनॉल आपूर्ति वर्ष (दिसंबर, 2019 से नवंबर, 2020) के दौरान 173 करोड़ लीटर एथनॉल पेट्रोल में मिलाने के लिए खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इस साल औसत मिश्रण नौ प्रतिशत रहा है।