फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   CEA KV SubramanianEconomic Survey: CEA refers to Malgudi Days and 3 Idiots to explain macroeconomics, healthcare refers to Malgudi Days and three Idiots to explain macroeconomics, healthcare

आर्थिक सर्वेक्षण: क्रिकेट टीम से मालगुडी डेज और थ्री इडियट्स का जिक्र

Sat, 30 Jan 2021 06:30 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 30 Jan 2021 06:30 AM IST
विज्ञापन
CEA KV SubramanianEconomic Survey: CEA refers to Malgudi Days and 3 Idiots to explain macroeconomics, healthcare refers to Malgudi Days and three Idiots to explain macroeconomics, healthcare
मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन - फोटो : ani

देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार ( सीईए) केवी सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण बिंदुओं को कुछ दिलचस्प बातों से जोड़ा। ये बातें भारतीय क्रिकेट टीम, महाभारत की एक कहावत मालगुडी डेज की कहानी और थ्री इडियट्स फिल्म के एक सीन से जुड़ी है।

विज्ञापन


क्रिकेट को लेकर कहा.....
सीईए ने कहा कि महामारी से लगा झटका झेलने के बाद अर्थव्यवस्था वैसी ही V आकार में सुधार दर्ज करेगी, जैसा प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में गाबा में दिया। वहां टीम के जीतने के कोई आसार नहीं थे, लेकिन सीरीज हमने अपने नाम कर ली। महामारी के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया महाभारत में उल्लिखित मानवीय सिद्धांत आपदि प्राणरक्षा हि धर्मस्य प्रथमांकुर: से प्रेरित रही।
विज्ञापन


थ्री इडियट्स का उदाहरण देकर बताया....
थ्री इडियट्स फिल्म के उस सीन का जिक्र किया, जब फरहान और रैंचो राजू के घर जाते हैं। राजू की मां बताती है कि राजू के पिता का इलाज के खर्चे बढ़ रहे हैं। बहन की शादी के पैसे नहीं है। यह सीन कई परिवारों की स्थिति दर्शाता है, जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। समस्या के निदान के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मालगुडी डेज सीरियल के एपिसोड का जिक्र कर बताया कि....
विकास का तरीका कैसा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मालगुडी डेज में स्वामी नाम का लड़का गणित में अच्छा था। वह हमेशा 100 में से 100 नंबर लाता था। उसके दोस्त शंकर के 100 में से 60 नंबर आए। हेडमास्तर ने स्वामी को 100 में से 20 नंबर शंकर को दे दिए, जो स्वामी को पसंद नहीं आया।

स्वामी घर आ गया गया और मां से रोते हुए कहा कि मैं अब नहीं पढ़ूंगा क्योंकि कोई फायदा नहीं जब मेरे 20 अंक शंकर को दे दिए। शंकर अपनी मां के पास खुशी खुशी गया और बोला कि मुझे पढ़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि हेडमास्टर खुद से मुझे 20 नंबर दे देते हैं।

स्वामी ने मां यह सवाल भी किया कि हेडमास्टर साहब शंकर को ज्यादा क्यों नहीं पढ़ाते ताकि उसके ज्यादा नंबर आएं, बजाए मेरे नंबर उसे देने के। मेरे पास मेरी मेहनत के 100 और उसके पास उसकी मेहनत के 80 नंबर रहें। इर तरह हम दोनों के कुल नंबर 180 हो जाएंगे। बजाय 160 के। स्वामी का सुझाया गया तरीका विकास के लिए सही है और इस पर भारत काम कर रहा है।


पहले लॉकडाउन से ‘जीवन और जीविका’ बचाया, अब जीडीपी सुधारेंगे : सुब्रमण्यन
सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण को देश के कोरोना वॉरियर्स को समर्पित करते हुए कहा, लॉकडान के शुरुआत से ही इन्होंने न सिर्फ लोगाें की जान बचाई, बल्कि जल्द से जल्द रिकवरी में भी मदद की। अपनी नीतियों के चलते भारत ने महामारी का ठीक से सामना किया। उन्होंने कहा, ढांचागत सुधारों का एलान करने वाला भारत इकलौता देश है। भारत ने ‘जीवन और जीविका’ बचाने पर ध्यान केंद्रित किया। देश ने समझा कि जीडीपी ग्रोथ रिकवरी हो जाएगी, लेकिन एक भी जीवन को वापस नहीं लाया जा सकेगा। देश अब ‘लॉकडाउन लाभांश’ का लाभ उठाएगा। लेकिन सरकार ने समय पर लॉकडाउन लगाकर लाखों जिंदगियां बचाईं और लोगों की आजीविका को भी बचाने के उपाय किए। इसमें महाभारत के सिद्धांत का जिक्र किया गया जिसके मुताबिक संकट में फंसे जीवन को बचाना ही धर्म की उत्पत्ति है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और बुनियादी ढांचे में विकास से भी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed