{"_id":"5f5e86cc57e2da7b3724b41e","slug":"cbic-suspended-56-customs-brokers-licence-for-links-with-fraudulent-exporters","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखेबाज निर्यातकों से जुड़े 56 कस्टम ब्रोकर्स के लाइसेंस निलंबित, 37 ब्रोकर दिल्ली के","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
धोखेबाज निर्यातकों से जुड़े 56 कस्टम ब्रोकर्स के लाइसेंस निलंबित, 37 ब्रोकर दिल्ली के
Mon, 14 Sep 2020 02:23 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 14 Sep 2020 02:23 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने रविवार को बताया कि धोखेबाज निर्यातकों से जुड़े 56 कस्टम ब्रोकरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। सीबीआईसी ने कहा कि अगस्त 2019 से निलंबित चल रहे 56 कस्टम ब्रोकरों में से 37 दिल्ली के हैं।
विज्ञापन
सीबीआईसी के मुताबिक, एनालिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट महानिदेशालय ने धोखेबाज निर्याताकों के लिंक में मौजूद कस्टम ब्रोकरों की जांच करने के बाद इन 56 ब्रोकर पर कार्रवाई की गई है। सीबीआईसी की जांच के दायरे में 62 कस्टम ब्रोकर रखे गए थे।
विज्ञापन
जांच में पाया गया कि इन ब्रोकरों ने 15290 से ज्यादा एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट संभाले थे। ये कंसाइनमेंट 1431 अज्ञत निर्यातकों के थे, जो कोशिश करने के बाद भी ट्रेस नहीं किए जा सके। एक मामले में तो कस्टम ब्रोकर ने उन 99 गायब चल रहे निर्यातकों के निर्यात को संभाला था, जिन्होंने 121.70 करोड़ रुपये के आईजीएसटी रिफंड के लिए दावा किया था।
विज्ञापन
सीबीआईसी ने कहा, इन सभी कस्टम ब्रोकर की गतिविधियां संदिग्ध थी और अधिकारी इन मामलों में 226 करोड़ रुपये का आईजीएसटी रिफंड रोकने में सफल रहे है। सीबीआईसी ने बताया कि इन 56 ब्रोकरों का लाइसेंस निलंबित करने के अलावा अन्य की जांच अभी जारी है।
7516 निर्यातक हैं संदेह के घेरे में
सीबीआईसी ने बताया कि सभी आयातित सामानों की 100 फीसदी जांच करने के आदेश दिए गए हैं। जुलाई के मध्य तक पूरे देश में सीबीआईसी ने 7516 निर्यातकों को ‘रिस्की निर्यातक’ की सूची में रखा हुआ था।