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CBDT: अब तक 6.98 करोड़ रिटर्न दाखिल, 88 प्रतिशत का प्रसंस्करण पूरा; सीबीडीटी ने दी जानकारी
Tue, 05 Sep 2023 08:20 PM IST
शक्तिराज सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 05 Sep 2023 08:20 PM IST
सार
सीबीडीटी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दाखिल किए गए कुल आईटीआर में से लगभग 14 लाख रिटर्न को करदाताओं ने अभी तक सत्यापित नहीं किया है। इसके अलावा विभाग ने 12 लाख करदाताओं से आय से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इस संबंध में उन्हें ई-फाइलिंग खातों से अवगत करा दिया गया है।
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सीबीडीटी
- फोटो : Social media
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विस्तार
वित्त वर्ष 2022-23 में अर्जित आय के लिए 6.98 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। इनमें से छह करोड़ से अधिक प्रसंस्कृत भी किए जा चुके हैं। आयकर एवं कॉरपोरेट कर से संबंधित शीर्ष निकाय सीबीडीटी ने बताया कि कुछ आयकर रिटर्न (आईटीआर) के मामले में करदाताओं की तरफ से कुछ जानकारी न मुहैया कराने या जरूरी कदम न उठाने से विभाग उनका प्रसंस्करण नहीं कर पा रहा है।
सीबीडीटी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दाखिल किए गए कुल आईटीआर में से लगभग 14 लाख रिटर्न को करदाताओं ने अभी तक सत्यापित नहीं किया है। इसके अलावा विभाग ने 12 लाख करदाताओं से आय से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इस संबंध में उन्हें ई-फाइलिंग खातों से अवगत करा दिया गया है।
इसके साथ ही कुछ आईटीआर जमाकर्ताओं ने अभी तक अपने बैंक खातों को सत्यापित नहीं किया है। सीबीडीटी ने बताया कि कर आकलन वर्ष 2023-24 में पांच सितंबर तक कुल 6.98 करोड़ आईटीआर जमा किए गए हैं, जिनमें से 6.84 करोड़ रिटर्न सत्यापित हैं। छह करोड़ से अधिक आईटीआर यानी कुल सत्यापित रिटर्न में से 88 प्रतिशत का प्रसंस्करण किया जा चुका है।
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आयकर विभाग ने 2.45 करोड़ से अधिक रिटर्न जमाकर्ताओं को रिफंड जारी कर दिया है। आयकर रिटर्न जमा करने के बाद उसका सत्यापन करना जरूरी होता है। उसके बाद ही आयकर विभाग उस रिटर्न का प्रसंस्करण करता है और रिफंड संबंधी दावों का निपटारा करता है।
आईटीआर के प्रसंस्करण में लगने वाला औसत समय निर्धारण वर्ष 2019-20 में 82 दिन और निर्धारण वर्ष 2022-23 में 16 दिन का था। इस समय को निर्धारण वर्ष 2023-24 के लिए घटाकर 10 दिन कर दिया गया है।
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सीबीडीटी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दाखिल किए गए कुल आईटीआर में से लगभग 14 लाख रिटर्न को करदाताओं ने अभी तक सत्यापित नहीं किया है। इसके अलावा विभाग ने 12 लाख करदाताओं से आय से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इस संबंध में उन्हें ई-फाइलिंग खातों से अवगत करा दिया गया है।
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इसके साथ ही कुछ आईटीआर जमाकर्ताओं ने अभी तक अपने बैंक खातों को सत्यापित नहीं किया है। सीबीडीटी ने बताया कि कर आकलन वर्ष 2023-24 में पांच सितंबर तक कुल 6.98 करोड़ आईटीआर जमा किए गए हैं, जिनमें से 6.84 करोड़ रिटर्न सत्यापित हैं। छह करोड़ से अधिक आईटीआर यानी कुल सत्यापित रिटर्न में से 88 प्रतिशत का प्रसंस्करण किया जा चुका है।
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आयकर विभाग ने 2.45 करोड़ से अधिक रिटर्न जमाकर्ताओं को रिफंड जारी कर दिया है। आयकर रिटर्न जमा करने के बाद उसका सत्यापन करना जरूरी होता है। उसके बाद ही आयकर विभाग उस रिटर्न का प्रसंस्करण करता है और रिफंड संबंधी दावों का निपटारा करता है।
आईटीआर के प्रसंस्करण में लगने वाला औसत समय निर्धारण वर्ष 2019-20 में 82 दिन और निर्धारण वर्ष 2022-23 में 16 दिन का था। इस समय को निर्धारण वर्ष 2023-24 के लिए घटाकर 10 दिन कर दिया गया है।