फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Can anyone take loan on insurance policy here what financial advisor Narayan Krishnamurthy advice

चिंता-मनी 24: बीमा पॉलिसी के बदले कर्ज ले सकता हूं?

Mon, 07 Sep 2020 08:20 AM IST
Tanuja Yadav नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 07 Sep 2020 08:20 AM IST
विज्ञापन
Can anyone take loan on insurance policy here what financial advisor Narayan Krishnamurthy advice
जीवन बीमा पॉलिसी पर ले सकते हैं कर्ज - फोटो : सोशल मीडिया

इस साल कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच विवेक मलिक को तब पहला झटका लगा, जब रिटायरमेंट से दो साल पहले जून में उनके पिता की नौकरी चली गई। फिर जुलाई में विवेक की पत्नी उमा की भी नौकरी छूट गई, जो एक वस्त्र निर्यातक कंपनी

विज्ञापन

में काम करती थीं।

खुद विवेक के वेतन में भी कटौती हो रही है, जिससे पांच सदस्यों वाले तीन पीढ़ियों का परिवार चलाना उनके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। तीस साल के विवेक की तीन साल की एक बेटी है, जिसका हाल ही में गाजियाबाद के एक स्कूल में दाखिला कराया गया है।
विज्ञापन


उनके पास छह जीवन बीमा पॉलिसियां हैं और वह जानना चाहते हैं कि आर्थिक तंगी से निपटने के लिए वह इन पॉलिसियों के एवज में कर्ज ले सकते हैं या नहीं। उनके पिता राधेश्याम मलिक एक प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी में फैक्टरी मैनेजर थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां वह पिछले बीस साल से काम कर रहे थे। सब कुछ अच्छा चल रहा था और वह 2022 में रिटायर करने वाले थे। लेकिन कोरोना के कारण उनके नियोक्ता ने कर्मचारियों की छंटनी की और फाइनल सेट्लमेंट के तौर पर उन्हें तीन महीने का वेतन दिया।

राधेश्याम मलिक की पेंशन नहीं है लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर बचत के अलावा जमीन का एक टुकड़ा है, जिसे वह पिछले कई साल से बेचने की सोच रहे हैं। खुद विवेक एक अग्रणी ऑटो मैन्यूफैक्चरर के शोरूम में सीनियर मैकेनिक हैं। जून में उन्हें वेतन नहीं मिला और जुलाई से उनके वेतन में 40 फीसदी कटौती हो रही है।

उन्होंने पहले से ही घर खर्च में कटौती कर दी है, और बचत के दूसरे रास्ते तलाश रहे हैं।

जीवन बीमा के बदले में कर्ज
हर तरह की जीवन बीमा पॉलिसियों में कर्ज नहीं मिलता। जैसे कि टर्म लाइफ इंश्योरेंस में कर्ज देने का प्रावधान नहीं है लेकिन पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसियों में, जो लाइफ कवरेज और बचत का मिला-जुला रूप होती हैं,  कर्ज मिलता है। मनी बैक, इनडोमेंट, होल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज और यूलिप्स आपके इंश्योरेंस कवर की राशि के बराबर कर्ज देती हैं।

हालांकि अलग-अलग बीमा कंपनियों की ओर से विभिन्न पॉलिसियों के बदले में दिए जाने वाले कर्ज की राशि अलग-अलग होती है। अमूमन कर्ज दी जाने वाली राशि आपकी बीमा पॉलिसी के सरेंडर वैल्यू का एक खास प्रतिशत होती है। यह गारंटेड रिटर्न वाली पारंपरिक बीमा पॉलिसी का 85-90 फीसदी हो सकती है।

यूलिप योजनाओं में कर्ज की राशि फंड के मौजूदा मूल्य पर निर्भर करती है।

कर्ज की कीमत
लिए गए कर्ज पर ब्याज दर इस पर तय होती है कि कुल प्रीमियम में से आपने कितना प्रीमियम भरा है। अगर आपने ज्यादा प्रीमियम भरा है, तो ब्याज दर कम होगी, यानी अगर पॉलिसी कुल 15 साल की है, तो 12वें साल में कर्ज लेने पर ब्याज दर कम होगी, जबकि इसी पॉलिसी में नौवें साल में कर्ज लेने पर ब्याज दर अधिक होगी।

हालांकि यह ब्याज दर बैंक और दूसरे कर्जदाताओं की ओऱ से पर्सनल लोन पर ली जा रही मौजूदा ब्याज दर से थोड़ी ज्यादा होगी। विवेक को पहले यह जांच लेना चाहिए कि उसकी कौन-सी बीमा पॉलिसियों पर कर्ज लिया जा सकता है। चूंकि उनके पास छह पॉलिसियां हैं, ऐसे में, उन्हें अपनी सबसे पुरानी पॉलिसी पर कर्ज लेने के बारे में सोचना चाहिए।

उन्हें कर्ज क्यों चाहिए, यह जानना भी जरूरी है, क्योंकि अगर वह कर्ज चुका नहीं पाए, तो उन्हें बीमा पॉलिसी के लाभ नहीं मिलेंगे। पैसे की कमी के कारण वह कर्ज लेने के बारे में सोच रहे हैं, ऐसे में, अपनी कुछ पॉलिसियां को सरेंडर कर सरेंडर वैल्यू हासिल करना विवेक के लिए कहीं बेहतर विकल्प होगा।


ऐसे में उन्हें कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। दूसरी तरफ उनके पास जीवन बीमा पॉलिसी होना भी आवश्यक है, क्योंकि वह अकेले कमाने वाले हैं और परिवार के चार सदस्य उन पर निर्भर हैं। चूंकि आर्थिक स्थिति चिंतनीय है, ऐसे में उन्हें उन पॉलिसियों को बचाए रखना चाहिए, जिनका प्रीमियम वह दे सकते हैं, क्योंकि इससे उन्हें इंश्योरेंस कवर भी मिलेगा।

बीमा पॉलिसी सरेंडर करते हुए उन्हें अपने इंश्योरेंस कवर से समझौता कतई नहीं करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed