{"_id":"67f239371bd0c06f10059f3d","slug":"zomato-food-delivery-coo-rinshul-chandra-resigns-said-took-this-step-to-pursue-new-opportunities-and-passion-2025-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Zomato: जोमैटाे फूड डिलीवरी के सीओओ ने दिया इस्तीफा, कहा- नए अवसर और जुनून को आगे बढ़ाने के लिए उठाया कदम","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Zomato: जोमैटाे फूड डिलीवरी के सीओओ ने दिया इस्तीफा, कहा- नए अवसर और जुनून को आगे बढ़ाने के लिए उठाया कदम
Sun, 06 Apr 2025 01:50 PM IST
बशु जैन
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:50 PM IST
सार
जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल को भेजे त्यागपत्र में सीओओ रिंशुल चंद्रा ने लिखा कि मैं सात अप्रैल 2025 से प्रभावी इटरनल लिमिटेड के सीओओ फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी बिजनेस के पद से इस्तीफा दे रहा हूं
विज्ञापन
जोमैटाे के सीओओ रिंशुल चंद्रा।
- फोटो : एक्स/@Rinshul
विस्तार
जोमैटो फूड डिलीवरी व्यवसाय के सीओओ रिंशुल चंद्रा ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने बताया कि उन्होंने नए अवसर और जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला लेते हुए पांच अप्रैल को इस्तीफा दिया है।
जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल को भेजे त्यागपत्र में चंद्रा ने लिखा कि मैं सात अप्रैल 2025 से प्रभावी इटरनल लिमिटेड के सीओओ फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी बिजनेस के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने नए अवसरों और जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला किया है जो मेरे विकसित व्यक्तिगत और पेशेवर लक्ष्यों के साथ जुड़े हैं।
ये भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में सबसे ज्यादा अरबपति, फोर्ब्स की सूची में मुंबई का छठा स्थान, जानिए टॉप टेन में कौन से शहर
विज्ञापन
एआई के कारण जोमैटो ने 600 कर्मियों को निकाला
पिछले दिनों फूड डिलीवरी एप जोमैटो ने पिछले साल शुरू किए गए जोमैटो एसोसिएट एक्सेलरेटर प्रोग्राम के तहत करीब 600 कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों को निकाल दिया था। इन्हें एक साल के भीतर ही भर्ती किया गया था। कंपनी अपने कस्टमर सपोर्ट डिविजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। छंटनी का असर गुरुग्राम और हैदराबाद के कर्मचारियों पर पड़ा है।
मूल कंपनी का बदला गया था नाम
पिछले महीने जोमैटो ने अपनी मूल कंपनी का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड कर दिया था। इटरनल में चार वर्टिकल होंगे। इनका नाम है- फूड डिलीवरी बिजनेस जोमैटो, क्विक कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट , गोइंग-आउट वर्टिकल डिस्ट्रिक्ट और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) किराना सप्लाई कंपनी हाइपरप्योर। इटरनल नाम अपनाने के साथ कंपनी दूसरी बार खुद को रीब्रांड कर रही है। 2008 में जोमैटो की स्थापना फूडीबे के रूप में हुई थी और 2010 में इसका नाम बदलकर जोमैटो कर दिया गया था।
ये भी पढ़ें: स्टार्ट-अप विवाद में कूदे ईज माइ ट्रिप के सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी, सोशल मीडिया पर लिखा पोस्ट
2022 में ब्लिंकिट (पहले ग्रोफर्स) के अधिग्रहण के बाद ही आंतरिक रूप से मूल कंपनी का नाम बदलकर इटरनल कर दिया गया था। इसके साथ ही एक संगठनात्मक पुनर्गठन किया गया। इसके तहत एक बड़ी कंपनी की छतरी के नीचे कई व्यवसाय आ गए, इनमें से हर कंपनी का अपना अलग सीईओ था।
विज्ञापन
जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल को भेजे त्यागपत्र में चंद्रा ने लिखा कि मैं सात अप्रैल 2025 से प्रभावी इटरनल लिमिटेड के सीओओ फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी बिजनेस के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने नए अवसरों और जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला किया है जो मेरे विकसित व्यक्तिगत और पेशेवर लक्ष्यों के साथ जुड़े हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में सबसे ज्यादा अरबपति, फोर्ब्स की सूची में मुंबई का छठा स्थान, जानिए टॉप टेन में कौन से शहर
विज्ञापन
एआई के कारण जोमैटो ने 600 कर्मियों को निकाला
पिछले दिनों फूड डिलीवरी एप जोमैटो ने पिछले साल शुरू किए गए जोमैटो एसोसिएट एक्सेलरेटर प्रोग्राम के तहत करीब 600 कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों को निकाल दिया था। इन्हें एक साल के भीतर ही भर्ती किया गया था। कंपनी अपने कस्टमर सपोर्ट डिविजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। छंटनी का असर गुरुग्राम और हैदराबाद के कर्मचारियों पर पड़ा है।
मूल कंपनी का बदला गया था नाम
पिछले महीने जोमैटो ने अपनी मूल कंपनी का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड कर दिया था। इटरनल में चार वर्टिकल होंगे। इनका नाम है- फूड डिलीवरी बिजनेस जोमैटो, क्विक कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट , गोइंग-आउट वर्टिकल डिस्ट्रिक्ट और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) किराना सप्लाई कंपनी हाइपरप्योर। इटरनल नाम अपनाने के साथ कंपनी दूसरी बार खुद को रीब्रांड कर रही है। 2008 में जोमैटो की स्थापना फूडीबे के रूप में हुई थी और 2010 में इसका नाम बदलकर जोमैटो कर दिया गया था।
ये भी पढ़ें: स्टार्ट-अप विवाद में कूदे ईज माइ ट्रिप के सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी, सोशल मीडिया पर लिखा पोस्ट
2022 में ब्लिंकिट (पहले ग्रोफर्स) के अधिग्रहण के बाद ही आंतरिक रूप से मूल कंपनी का नाम बदलकर इटरनल कर दिया गया था। इसके साथ ही एक संगठनात्मक पुनर्गठन किया गया। इसके तहत एक बड़ी कंपनी की छतरी के नीचे कई व्यवसाय आ गए, इनमें से हर कंपनी का अपना अलग सीईओ था।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन