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World Cancer Day: सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है कैंसर
Tue, 04 Feb 2020 02:17 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 04 Feb 2020 02:17 PM IST
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World Cancer Day
- फोटो : PTI
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कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर सही वक्त पर इलाज नहीं हुआ तो मरीज की जान जाना तय है। इस जानलेवा बीमारी से दुनिया में सबसे ज्यादा मौत होती हैं। लेकिन इससे सिर्फ लोगों की जान ही नहीं जा रही है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। कैंसर के कई प्रकार होते हैं।
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डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में एक लाख लोगों में से 79 फीसदी लोगों की जान कैंसर की वजह से जाती है। पूरे विश्व में कैंसर की वजह से जितनी मृत्यु होती है, उनमें से छह फीसदी भारतीय हैं।
साल 2018 में भारत में सबसे ज्यादा महिलाओं की जान सर्वाइकल कैंसर की वजह से गई थी। यह आंकड़ा 60,000 था। यानी हर आठ मिनट और 46 सेकेंड में सर्वाइकल कैंसर की वजह से एक भारतीय महिला की जान गई थी।
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कैंसर से जूझ रहे हैं 22.5 लाख लोग
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डाटा के अनुसार, इस साल भारत में 17 लाख से अधिक लोगों को कैंसर हो सकता है। वहीं आठ लाख से ज्यादा मरीजों की 2021 तक कैंसर की वजह से जान जा सकती है। भारत में पहले ही 22.5 लाख लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं।
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भारतीय अर्थव्यवस्था हो रही प्रभावित
कैंसर का इलाज बेहद महंगा है। इससे ना सिर्फ लोगों की जान जा रही है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक, एक हजार मरीजों का कैंसर थेरेपी पर औसतन 37,000 रुपये खर्च होता है। कैंसर का हर मरीज इसके इलाज के लिए खर्च नहीं कर सकता है। अन्य बीमारियों से तुलना करें, तो कैंसर के इलाज के लिए मरीजों को ढाई गुना ज्यादा खर्च करना होता है, जिनमें से आमतौर पर मरीज 60 फीसदी खर्चा घर से ही निकाल लेते हैं और 32 फीसदी खर्च का इंतजाम कहीं और से करते हैं, जैसे लोन के माध्यम से। यूरोपियन शॉर्ट टर्म साइंटिफिक मिशन के एक अध्ययन के मुताबिक, कैंसर के कारण उत्पादन में घाटे की वजह से भारत की जीडीपी में 0.36 फीसदी की कमी आई है।
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कैंसर से जाती है 8.3 फीसदी लोगों की जान
भारत में हार्ट अटैक के बाद कैंसर दूसरी ऐसी बीमारी है, जिसकी वजह से लोगों की सबसे ज्यादा जान जाती है। साल 2016 में हुए आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अध्ययन के अनुसार, कुल मृत्यु में से 8.3 फीसदी लोगों की जान कैंसर की वजह से जाती है। 1990 के बाद से यह आंकड़ा दुगुना है।डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में एक लाख लोगों में से 79 फीसदी लोगों की जान कैंसर की वजह से जाती है। पूरे विश्व में कैंसर की वजह से जितनी मृत्यु होती है, उनमें से छह फीसदी भारतीय हैं।
साल 2018 में भारत में सबसे ज्यादा महिलाओं की जान सर्वाइकल कैंसर की वजह से गई थी। यह आंकड़ा 60,000 था। यानी हर आठ मिनट और 46 सेकेंड में सर्वाइकल कैंसर की वजह से एक भारतीय महिला की जान गई थी।