Insurance: महिलाओं ने खरीदीं बीमा की 97 लाख पॉलिसी, 2022-23 में कंपनियों ने बेचीं कुल 2.84 करोड़ पॉलिसी
महिलाओं की पॉलिसी खरीदने के लिहाज से कर्नाटक 44.23 फीसदी हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है। केरल 43.96 फीसदी के साथ दूसरे और मिजोरम 42.97 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है।
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देश के 50 लाख करोड़ रुपये के बीमा उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। 2022-23 में महिलाओं ने 97.38 लाख बीमा पॉलिसी खरीदी हैं। इस दौरान बीमा कंपनियों ने कुल 2.84 करोड़ पॉलिसी बेची। भारतीय बीमा विकास विनियामक प्राधिकरण (इरडाई) की हालिया सालाना रिपोर्ट के अनुसार, बीमा खरीदने में महिलाओं की हिस्सेदारी 34.20 फीसदी है। 2021-22 में यह हिस्सेदारी 34.7 फीसदी थी। आबादी में इनकी हिस्सेदारी 49 फीसदी है। ऐसे में अभी भी बीमा कंपनियों के लिए एक बहुत बड़ा ग्राहक आधार है, जिसे वह पॉलिसी बेच सकती हैं। जीवन बीमा कंपनियां महिला आबादी की बढ़ती मांगों को पूरा कर इस अवसर पर आगे बढ़ रही हैं। पर्याप्त जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए उपयुक्त उत्पाद भी पेश कर रही हैं।
7.45 लाख महिला एजेंट
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं का योगदान अच्छा है और यह हर साल लगातार तेजी के साथ बढ़ रहा है। महिलाओं की पॉलिसी खरीदने के लिहाज से कर्नाटक 44.23 फीसदी हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है। केरल 43.96 फीसदी के साथ दूसरे और मिजोरम 42.97 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है। बीमा उद्योग में कुल 24.43 लाख एजेंट हैं। इसमें से 7.45 लाख महिला एजेंट हैंं। यानी 28.35 फीसदी हैं। निजी जीवन बीमा कंपनियों में महिला एजेंटों की हिस्सेदारी 57.33 फीसदी जबकि सरकारी में यह 42.67 फीसदी है।
बीमा वाहक पर जोर
इरडाई ने बीमा विस्तार योजना को गांव तक ले जाने के लिए बीमा वाहक की योजना बनाई है। 2024 के अंत तक हर ग्राम पंचायत में बीमा वाहक नियुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इंश्योरेंस कंपनियां मुख्य रूप से महिलाओं को बीमा वाहक के रूप में नियुक्त करेंगी।