US: क्या ट्रंप की नई राहत योजना अमेरिका के किसानों के भविष्य की अनिश्चितता दूर कर सकेगी? जानें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसानों की आर्थिक परेशानी कम करने के लिए 12 अरब डॉलर की नई सहायता योजना की घोषणा की है, लेकिन देशभर में किसान इसे केवल अस्थायी राहत मान रहे हैं। उनकी आय लगातार कम भाव, बढ़ती लागत और चीन के साथ व्यापार युद्ध से प्रभावित हुई है।
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सहायता योजना देकर उनकी मुश्किलें कम करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन देशभर में किसान इसे केवल अस्थायी राहत मान रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार कम भाव, बढ़ती लागत और चीन के साथ व्यापार युद्ध से उपजे नुकसान को यह राहत पूरा नहीं कर सकती।
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ट्रंप के नए टैरिफ वादों पर किसानों को थी आशंका
मिनेसोटा के किसान जीन स्टेहली ने बताया कि ट्रंप द्वारा चुनाव अभियान में नए टैरिफ का वादा किए जाने पर ही उन्हें आशंका थी कि व्यापार विवाद बढ़ेंगे और फसलों का निर्यात प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि एक साल बाद वही हुआ जिसकी चिंता थी। अभी की हालात बेहतर नहीं हैं, और जो मदद मिली है वह नुकसान पूरा नहीं करती।
सहायता राशि स्थायी समाधान नहीं
ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि किसानों को एकमुश्त 12 अरब डॉलर की सहायता दी जाएगी। यह पैकेज उन किसानों के लिए घोषित किया गया है, जिनकी आय चीन द्वारा अमेरिकी कृषि आयात बंद करने के बाद लगातार प्रभावित हुई है। मिनेसोटा के ही किसान चार्ली रैडमैन ने कहा, यह स्थायी समाधान नहीं। किसान स्थिरता चाहते हैं, हर साल की अनिश्चितता नहीं।
सोयाबीन और ज्वार के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
अमेरिकी सोयाबीन और ज्वार के किसान अपनी आधी फसल से ज्यादा निर्यात करते हैं, जिनमें चीन सबसे बड़ा खरीदार रहा है। लेकिन चीन ने व्यापार युद्ध के दौरान अमेरिकी खरीद घटा दी और दक्षिण अमेरिकी देशों से आयात बढ़ा दिया। अमेरिका का दावा है कि चीन ने फरवरी तक 1.2 करोड़ टन सोयाबीन खरीदने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक सिर्फ एक चौथाई खरीद ही पूरी हुई है। इस कारण किसान चीन के वादों पर भरोसा करने से हिचक रहे हैं।
मिसौरी के किसान ब्राएंट कगे कहते हैं किमैं चीन के वादों पर भरोसा नहीं करता। अगर वे खरीद भी लें, तो भी यह ट्रंप के पद संभालने से पहले की नियमित खरीद जितना ही होगा।
नए बाजारों की तलाश
किसान ग्लेन ग्रोथ का कहना है कि समाधान सिर्फ चीन पर निर्भरता नहीं है, हमें नए बाजार चाहिए। बायोडीजल, इथेनॉल, एविएशन ईंधन और पशु आहार जैसे घरेलू उपयोग भी बढ़ाने होंगे। आईओवा के किसान डैन कीटजर कहते हैं कि किसान सरकार से चेक नहीं चाहते, वे अपने उत्पाद की मांग बढ़ाना चाहते हैं।
पिछली बार भी मिली थी भारी मदद
ट्रंप के पहले कार्यकाल में किसानों को 2019 में 22 अरब डॉलर और 2020 में महामारी के दौरान 46 अरब डॉलर की सहायता मिली थी। लेकिन किसान कहते हैं कि यह सहायता उनकी दीर्घकालिक समस्याओं का हल नहीं है, वे पहले से ही अगले सीजन के लिए आपूर्ति खरीद रहे हैं और बैंक से ऋण पर चर्चा कर रहे हैं।
नए पैकेज में सहायता राशि प्रति किसान या संस्था अधिकतम 155,000 डॉलर तक सीमित रहेगी, और केवल वे फार्म पात्र होंगे जिनकी समायोजित सकल आय 900,000 डॉलर से कम है। हालांकि पिछली बार कई बड़े कृषि समूहों ने नियमों का रास्ता निकालकर लाखों डॉलर की सहायता ली थी।
ट्रंप ने बढ़ती लागत पर जांच के निर्देश दिए
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश जारी कर निर्देश दिया है कि खाद, बीज, मशीनरी और मांस पैकिंग जैसी कृषि सप्लाई चेन में संभावित कार्टेल और कीमतों पर अनुचित नियंत्रण की जांच की जाए। दक्षिण डकोटा के किसान ट्रेग क्रोनिन कहते हैं कि यह मानना अच्छा है कि हम व्यापार युद्ध के बीच फंसे हैं। लेकिन जो भी चेक हमें मिलेंगे, वे तुरंत खर्चों में ही खत्म हो जाएंगे।