Nirmala Sitharaman: 'हमने सबसे तेज आर्थिक वृद्धि की गति बनाए रखी', राज्यसभा में बोलीं वित्त मंत्री
Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री सीतारमण ने गुरुवार को राज्यसभा में देश की इकोनॉमी के बारे में अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि जुलाई-सितंबर में जीडीपी उच्च स्तर पर थी। हमने लगातार सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने की गति बनाए रखी।
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत तेज रफ्तार से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इसकी वृद्धि दर दुनिया में सबसे अधिक रही है। यह जीडीपी के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा, तीसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (जापान व जर्मनी) के साथ-साथ उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी इस दौरान भारत के बराबर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकीं। इन देशों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था 7 फीसदी से ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर अवधि में जीडीपी की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रही।
सीतारमण बृहस्पतिवार को राज्यसभा में भारत की आर्थिक स्थिति पर तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन के सवाल का जवाब दे रही थीं। इस दौरान सीतारमण ने विभिन्न उद्योगों में देश की उपलब्धियों और सार्वजनिक खर्च की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि यूपीए के शासन काल में जो योजनाएं चलाई गईं, वह सिर्फ नाम के लिए थीं। बुनियादी ढांचे का निर्माण मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है। इससे दुनियाभर में इस आर्थिक मॉडल की प्रशंसा हो रही है। भारत दूध, दालों, जूट, चीनी, धान और गेहूं का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। वास्तविक समय में सबसे अधिक डिजिटल भुगतान भारत में हो रहे हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने मोदी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में शौचालय निर्माण, स्वच्छता, नल से जल पानी उपलब्ध कराने और अन्य योजनाओं का विवरण सदन पटल पर रखा।
सीतारमण ने कहा कि इस साल प्रत्यक्ष कर संग्रह 21.82 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी ओर, मासिक जीएसटी संग्रह 1.6 लाख करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। इस दौरान सीतारमण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि भारत दुनिया में दूसरा सबसे अधिक मांग वाला विनिर्माण गंतव्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां अच्छी रही हैं। सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
ऐसे बढ़ रही हमारी जीडीपी बेरोजगारी दर 7.8% घटी
- इस साल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 21.82% की बढ़ोतरी हुई है। मासिक जीएसटी संग्रह 1.6 लाख करोड़ पर स्थिर है। यह आर्थिक विकास के वृद्धि का संकेत है।
- वॉल स्ट्रीट जनरल का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों में एक फीसदी से भी कम गिरावट आई है।
- 2017-18 में बेरोजगारी की दर 17.8 फीसदी थी। यह अब घटकर 10 फीसदी रह गई है।
- दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था में 13.9 प्रतिशत का योगदान दिया।
- अक्तूबर 2023 में भारत का निर्यात 9.43 फीसदी बढ़ा। पश्चिमी देशों में मांग कम होने के बावजूद हमारा निर्यात अच्छा चल रहा है।
मुद्दों के राजनीतिकरण करने से नहीं चलेगा काम
सीतारमण ने कहा, मुद्दों के राजनीतिकरण से काम नहीं चलेगा। इससे कोई मदद नहीं मिलती। उन्होंने केरल में पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला उठाया। इस पर विपक्ष ने हल्ला शुरू किया। इस पर निर्मला ने कहा, वह सिर्फ सदस्यों के उठाए मुद्दों पर अपना पक्ष रख रही हैं। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के हिंसा मामलों का विवरण व कोलकाता हाईकोर्ट बेंच की टिप्पणियों का हवाला दिया। इस पर तृणमूल सांसदों ने हंगामा मचाया।
इससे पहले वित्त मंत्री ने कहा था कि 2024 के चुनावों से पहले मोदी सरकार के आखिरी बजट में किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। परंपरा को ध्यान में रखते हुए यह अंतरिम बजट होगा क्योंकि अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव होने हैं। वित्त वर्ष 25 का पूर्ण बजट आम चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के बाद पेश किया जाएगा।