Tata: टाटा ट्रस्ट के बोर्ड से खुद को बाहर किए जाने की खबरों के बीच मेहली मिस्री ने उठाया कदम, जानिए अपडेट
Ratan Tata: रतन टाटा की वसीयत को निष्पादित करने वाले मेहली मिस्त्री ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, सर रतन टाटा ट्रस्ट और बाई हीराबाई जमशेदजी नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के सभी ट्रस्टियों को भी कैविएट नोटिस भेजा है। इसमें चेयरमैन नोएल टाटा भी शामिल हैं। नोएल की पत्नी आलू मेहली की चचेरी बहन हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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मेहली मिस्त्री की टाटा ट्रस्ट्स बोर्ड में फिर से नियुक्त नहीं किए जाने के बाद शुरू हुआ तनाव बढ़ता जा रहा है। मेहली की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को बोर्ड ने बहुमत के साथ अस्वीकार कर दिया था। इस बीच खबर है कि मिस्त्री ने शनिवार को मुंबई में चैरिटी कमिश्नर के पास एक कैविएट दायर कर अनुरोध किया कि उनकी नियुक्ति पर कोई भी निर्णय लेने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए।
रतन टाटा की वसीयत को निष्पादित करने वाले मेहली मिस्त्री ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, सर रतन टाटा ट्रस्ट और बाई हीराबाई जमशेदजी नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के सभी ट्रस्टियों को भी कैविएट नोटिस भेजा है। इसमें चेयरमैन नोएल टाटा भी शामिल हैं। नोएल की पत्नी आलू मेहली की चचेरी बहन हैं।
नियमों के अनुसार टाटा के ट्रस्टों को 90 दिनों के भीतर बदलावों पर चैरिटी कमिश्नर के पास एक रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। चैरिटी कमिश्नर द्वारा नए बोर्ड की संरचना को स्वीकार करने के बाद ही ट्रस्ट अपने बैंक खातों, आधिकारिक पत्राचार आदि में हस्ताक्षरकर्ताओं के साइन में बदलाव कर सकते हैं।
क्या है पूरा मामला यहां समझें?
टाटा ट्रस्ट्स में किसी ट्रस्टी की फिर से नियुक्ति के लिए सभी ट्रस्टियों की सर्वसम्मति जरूरी है। मेहली मिस्त्री को टाटा समूह के दिग्गज दिवंगत रतन टाटा ने अक्तूबर 2022 में तीन साल के लिए टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड में शामिल किया था। उनका कार्यकाल 28 अक्तूबर 2025 को समाप्त हो रहा था। 23 अक्तूबर को टाटा ट्रस्ट्स ने एक परिपत्र जारी कर स्थायी ट्रस्टी के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति पर ट्रस्टियों की सहमति मांगी थी।
नोएल टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने मिस्त्री को पद पर बनाए रखने के पक्ष में मत देने से इनकार कर दिया। हालांकि तीन अन्य ट्रस्टी प्रमित झावेरी, डेरियस खंबाटा और जहांगीर जहांगीर उनकी दोबारा नियुक्ति के पक्ष में थे। हालांकि, रतन टाटा के भाई जिमी टाटा ने इस प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। सर्वसम्मति न होने के कारण मिस्त्री की ट्रस्टीशिप का नवीनीकरण नहीं किया गया।