अब गांवों में भी बनेंगे मजबूत भूकंपरोधी मकान, SAIL प्रत्येक गांव में बढ़ाएगी स्टील की खपत
अब गांवों में भी मजबूत मकान या अन्य ढांचागत संरचनाएं बनेंगे। ग्रामीण इलाकों में मजबूत संरचना बनाने और देश में स्टील की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने गांव-गांव में जागरूकता फैलाने की योजना बनाई है।
इसके लिए सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने इस साल कम से कम 1,000 गांवों में लोगों को इस बारे में प्रशिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। इस दौरान, आम जनता से लेकर ग्राम पंचायत के सदस्य और राजमिस्त्री तक को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि गांवों में घर बनाने की बात हो, ढोर-डांगर के लिए शेड बनाने की बात हो या अनाज रखने के लिए गोदाम बनाने की बात हो, सबमें स्टील का उपयोग बढ़ाने में जागरूकता बेहद कारगर औजार बन कर उभरा है।
पिछले साल देश के चुनिंदा 114 गांवों में इस बारे में जागरूकता अभियान चलाया गया था, जिसका काफी सकारात्मक परिणाम निकला है। इसी को देखते हुए इस साल 1,000 गांवों में इस तरह का अभियान चलाया जाएगा। इनमें से 20 फीसदी गांव उत्तर भारत के होंगे, जबकि 20 फीसदी गांव पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत के।
बेहतर स्टील से मकान बनेंगे मजबूत
सेल के अध्यक्ष पीके सिंह का कहना है मकान बनाने के लिए ढेरों तरह के स्टील बाजार में हैं, लेकिन इस बारे में ग्रामीण इलाके के लोगों में जागरूकता है ही नहीं। सेल के गांव की ओर अभियान के तहत गांव-गांव जाकर उनके विशेषज्ञ बताएंगे कि घर बनाने में अमुक ग्रेड के स्टील का उपयोग करें, तो वह न सिर्फ हल्के और बेहतर हैं, बल्कि भूकंप के झटके भी आसानी से सह सकते हैं।
इसी तरह मकान या गोदाम या ढोर-डांगर के शेड बनाने में काम आने वाली नालीदार चादरें और एंगल, पाइप आदि में भी कई ग्रेड हैं। उन्हें बताया जाएगा कि इस तरह के स्टील के उपयोग में शुरू में कुछ ज्यादा रकम तो लगेगी, लेकिन उसकी उम्र बहुत ज्यादा होगी।
ऐसे स्टील में जंग भी आसानी से नहीं लगते हैं। सिंह के मुुताबिक, गांव की ओर कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत होगी कि इसमें ग्रामीणों की भाषा में जानकारी दी जाएगी, ताकि उन्हें बेहतर तरीके से समझाया जा सके।
बेहद कम है प्रति व्यक्ति स्टील खपत
वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016 के दौरान भारत में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत 63 किलोग्राम प्रति वर्ष थी। इसके उलट ऑस्ट्रिया में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत 469.6 किलो, चेक गणराज्य में 634.7 किलो, जर्मनी में 499.5 किलो और चीन में 492.7 किलो थी।
यहां तक कि दुनियाभर के सभी देशों का औसत भी 207.9 किलो था। इसलिए सरकार चाहती है कि अगले कुछ वर्षों में भारत में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत बढ़कर कम से कम विश्व औसत के बराबर तो पहुंच ही जाए।
स्टील उत्पादन में भारत ने जापान को पछाड़ा
कच्चे स्टील के उत्पादन में भारत ने बीते फरवरी में ही जापान को पछाड़ते हुए दुनियाभर में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस क्षेत्र में भारत से ज्यादा उत्पादन चीन में होता है, जो दुनियाभर में नंबर वन है। इस सूची में चौथे स्थान पर अमेरिका है।