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काम की बात: वाहन बीमा पॉलिसी खरीदते समय शर्तों के बारे में जरूर जानें, इन पांच वजहों से खारिज हो सकता है क्लेम
Mon, 27 Sep 2021 04:13 AM IST
देव कश्यप
कालीचरण, नई दिल्ली।
कालीचरण, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 27 Sep 2021 04:13 AM IST
सार
बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख तौर पर पांच ऐसे कारण हैं, जिससे बीमा कंपनियां आपके कार इंश्योरेंस क्लेम का तत्काल सेटलमेंट नहीं करती हैं या फिर खारिज कर देती हैं। क्लेम मंजूर नहीं होने की स्थिति में क्षतिग्रस्त कार को ठीक कराने के लिए आपको अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।
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वाहन बीमा पॉलिसी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अगर आपके पास कोई कार है तो उसके लिए वाहन बीमा पॉलिसी खरीदना जरूरी है। यह न सिर्फ किसी भी तरह की दुर्घटना, चोरी और क्षति से जुड़े खर्चों को कवर करता है बल्कि आपको आर्थिक सुरक्षा भी देता है। इसलिए वाहन बीमा पॉलिसी खरीदते समय उसकी सभी शर्तों के बार में जरूर जानें। पॉलिसी की शर्तों की जानकारी नहीं होने और किसी भी तरह की चूक से इंश्योरेंस कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं।
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बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख तौर पर पांच ऐसे कारण हैं, जिससे बीमा कंपनियां आपके कार इंश्योरेंस क्लेम का तत्काल सेटलमेंट नहीं करती हैं या फिर खारिज कर देती हैं। क्लेम मंजूर नहीं होने की स्थिति में क्षतिग्रस्त कार को ठीक कराने के लिए आपको अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है। यह काफी निराशाजनक हो सकता है।
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निजी कार का वाणिज्यिक इस्तेमाल
मोटर व्हीकर एक्ट के तहत वाणिज्यिक वाहनों के लिए बीमा कवर और कानून अलग होते हैं। इसलिए अगर आप अपनी निजी कार का नियमित रूप से वाणिज्यिक इस्तेमाल करते हैं तो दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं।
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मोडिफिकेशन करना या एक्सेसरीज लगाना
पॉलिसी अवधि में कार को मोडिफाई किया है या उसमें एक्सेसरीज लगवाया है तो पॉलिसी रिन्यू कराते समय बीमाकर्ता को इसकी जानकारी जरूर दें। ऐसा नहीं करने पर कार बीमा का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि बीमा कंपनी इसका निरीक्षण करने और आवश्यक प्रीमियम वसूलने के बाद ही अतिरिक्त एक्सेसरीज को नई पॉलिसी में शामिल करती है।
जानकारी छुपाना या फर्जी क्लेम
बीमा पॉलिसी खरीदते या रिन्यू कराते समय थोड़े पैसे की बचत के लिए बड़ी संख्या में लोग कार से जुड़ीं महत्वपूर्ण जानकारियां छुपा लेते हैं। इसके अलावा, ज्यादातर कार मालिक फर्जी क्लेम भी करते हैं। ज्यादातर मामलों में इन दोनों वजहों से ही क्लेम खारिज होता है। फर्जी क्लेम की भनक लगने पर बीमा कंपनी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।
समय पर प्रीमियम नहीं चुकाना
समय पर प्रीमियम नहीं चुकाने पर पॉलिसी अमान्य हो जाती है। हालांकि, भारत में अधिकांश कंपनियां 90 दिनों की ग्रेस अवधि देती हैं। इस दौरान पॉलिसी रिन्यू नहीं कराने पर आप कार बीमा से मिलने वाले सभी लाभों को खो देते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कार चलाना
ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कार चलाना कानूनन जुर्म है। अगर आपकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और यह पाया जाता है कि आप ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कार चला रहे थे तो बीमा कंपनी आपके दावे को खारिज कर देगी।
लोकल मैकेनिक से ठीक न कराएं कार
सुरक्षा को देखते हुए आज के दौर में कंप्यूटराइज्ड एप की मदद से कारें डिजाइन हो रही हैं। इसलिए दुर्घटना या किसी अन्य वजह से कार क्षतिग्रस्त होने पर उसे खुद ठीक न कराएं और न ही लोकल मैकेनिक की मदद लें। इससे वारंटी और बीमा प्रभावित होती है। ऐसा करने से बीमा कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं। -तरुण माथुर, सीबीओ, पॉलिसीबाजार