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Vegetable Oil: वनस्पति तेल उद्योग को राहत की उम्मीद, जीएसटी रिफंड प्रतिबंध हटाने पर जल्द फैसला संभव
Wed, 27 Aug 2025 07:38 AM IST
शुभम कुमार
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 27 Aug 2025 07:38 AM IST
सार
वनस्पति तेल पर जीएसटी रिफंड प्रतिबंध हटाने पर जल्द फैसला हो सकता है। खाद्य मंत्रालय ने उद्योग के अनुरोध पर मामला वित्त मंत्रालय को भेजा है। जुलाई 2022 से लागू उल्टे शुल्क ढांचे से छोटे और घरेलू उत्पादक प्रभावित हो रहे हैं। इनपुट्स पर 12-18% और तेल पर 5% जीएसटी से आईटीसी रिफंड में असमानता पैदा हुई है।
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जीएसटी।
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
वनस्पति तेल पर कर रिफंड प्रतिबंध हट सकता है। इस पर जीएसटी परिषद की बैठक में फैसला होने की उम्मीद है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा, खाद्य मंत्रालय ने वनस्पति तेल उद्योग के अनुरोध को वित्त मंत्रालय को भेज दिया है। खाद्य तेल उद्योग जुलाई, 2022 से उल्टे शुल्क ढांचे के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लिए माल और सेवा कर (जीएसटी) रिफंड पर प्रतिबंधों से जूझ रहा है।
इसका विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों और घरेलू निर्माताओं पर प्रभाव पड़ रहा है। खाद्य तेलों पर 5 फीसदी जीएसटी लागू है। पैकेजिंग, केमिकल और प्रसंस्करण उपकरण सहित इनपुट सामग्री पर 12-18 फीसदी की उच्च दर लागू है। इस असमानता के कारण उद्योग को 2021-22 तक आईटीसी पर रिफंड का दावा करने की मंजूरी थी।
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उधर, सभी वनस्पति तेल उत्पादकों को चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय में पंजीकरण कराना होगा। हर महीने की 15 तारीख तक उत्पादन, बिक्री, स्टॉक स्तर और खरीद पर मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इन नियमों का उद्देश्य जमाखोरी पर अंकुश लगाना और कीमतों को स्थिर करना है। मंत्रालय कुछ महीनों में मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर खाद्य तेल उद्योग के हितधारकों की उपस्थिति में जागरूकता शिविर का आयोजन करेगा।
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इसका विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों और घरेलू निर्माताओं पर प्रभाव पड़ रहा है। खाद्य तेलों पर 5 फीसदी जीएसटी लागू है। पैकेजिंग, केमिकल और प्रसंस्करण उपकरण सहित इनपुट सामग्री पर 12-18 फीसदी की उच्च दर लागू है। इस असमानता के कारण उद्योग को 2021-22 तक आईटीसी पर रिफंड का दावा करने की मंजूरी थी।
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उधर, सभी वनस्पति तेल उत्पादकों को चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय में पंजीकरण कराना होगा। हर महीने की 15 तारीख तक उत्पादन, बिक्री, स्टॉक स्तर और खरीद पर मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इन नियमों का उद्देश्य जमाखोरी पर अंकुश लगाना और कीमतों को स्थिर करना है। मंत्रालय कुछ महीनों में मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर खाद्य तेल उद्योग के हितधारकों की उपस्थिति में जागरूकता शिविर का आयोजन करेगा।
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