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Trade: भारत वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला देश हो सकता है, अमेरिकी मंत्री का दावा

Thu, 24 Apr 2025 01:28 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 24 Apr 2025 01:28 PM IST
सार

India-US Trade: अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 26 प्रतिशत का 'पारस्परिक' टैरिफ फिलहाल 90 दिनों के लिए स्थगित है। इसकी अवधि 8 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। हालांकि, अन्य देशों की तरह भारत पर मौजूदा नीति के तहत 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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US Treasury Secy says India likely to be first to sign trade deal with Washington
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की साझा प्रेसवार्ता - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि भारत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक शुल्क से बचने के लिए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला देश बन सकता है।

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टैरिफ पर पाबंदी की अवधि 8 जुलाई को हो रही है समाप्त

अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 26 प्रतिशत का 'पारस्परिक' टैरिफ फिलहाल 90 दिनों के लिए स्थगित है। इसकी अवधि 8 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। हालांकि, अन्य देशों की तरह भारत पर मौजूदा नीति के तहत 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है।

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न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, बेसेन्ट ने बुधवार को लगभग एक दर्जन पत्रकारों की एक राउंडटेबल बैठक में कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता सफल निष्कर्ष पर पहुंचने के "बहुत करीब" है। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में "इतने अधिक टैरिफ" नहीं हैं।

भारत में गैर-टैरिफ व्यापार बाधाएं कम: अमेरिकी वित्त मंत्री

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों के अवसर पर आयोजित डीसी कार्यक्रम में बेसेन्ट ने कहा, "भारत में गैर-टैरिफ व्यापार बाधाएं भी कम हैं, जाहिर है, मुद्रा में कोई हेरफेर नहीं है। सरकारी सब्सिडी भी बहुत कम है, इसलिए भारतीयों के साथ समझौता करना बहुत आसान है।"

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प ने मांग की है कि अन्य देश अमेरिकी वस्तुओं पर अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ अवरोधों को समाप्त करें, साथ ही अमेरिकी व्यापार घाटे को भी समाप्त करें।



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जेडी वेंस ने की भारत से गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की अपील

इससे पहले मंगलवार को जयपुर में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत से गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने, अपने बाजारों तक अधिक पहुंच देने और अधिक अमेरिकी ऊर्जा और सैन्य हार्डवेयर खरीदने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने एक “समृद्ध और शांतिपूर्ण” 21वीं सदी के लिए दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया था।

इस बीच, न्यूयॉर्क पोस्ट ने अमेरिका के जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि फरवरी तक अमेरिका में आयातित वस्तुओं में भारत का हिस्सा करीब 3 प्रतिशत था। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, 2024 में अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा 45.7 अरब डॉलर था।

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