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टैरिफ: बेहतर स्थिति में भारत खिलौना उद्योग, घरेलू विनिर्माण बनाना होगा मजबूत; संयंत्र लगाना चाहती हैं कंपनियां

Mon, 07 Apr 2025 03:56 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Mon, 07 Apr 2025 03:56 AM IST
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US tariff: India's toy industry in a better position, domestic manufacturing needs to be strengthened
अमेरिकी टैरिफ - फोटो : एएनआई / अमर उजाला / एजेंसी

अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाने के बाद शुरू व्यापार युद्ध के बीच भारत बेहतर स्थिति में है। भारतीय निर्यातक चीन व वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। घरेलू खिलौना उद्योग भी मौके का फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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निर्यातकों का कहना है, अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने के लिए खिलौना उद्योग ने टैरिफ वार शुरू होने से पहले ही क्षमता विस्तार और वैश्विक कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम बनाने का काम शुरू कर दिया है। सनलॉर्ड समूह के प्रवर्तक अमिताभ खरबंदा ने कहा, अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते से भी खिलौना कंपनियों को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। खिलौनों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना बनाने की बजट घोषणा से इस क्षेत्र को विस्तार में सहायता मिलेगी।
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भारत में संयंत्र लगाना चाहती हैं कंपनियां
प्लेग्रो टॉयज इंडिया के सीईओ मनु गुप्ता ने कहा, चीन 80 अरब डॉलर और वियतनाम करीब 6 अरब डॉलर का खिलौना निर्यात करता है। अब उनके उत्पादों पर अमेरिका में भारतीय खिलौनों से अधिक शुल्क लगेगा। ऐसे में कई देशों की शीर्ष खिलौना कंपनियां भारत में संयंत्र स्थापित करना चाहती हैं। भारत का खिलौना निर्यात पिछले तीन वर्षों से 32.6 करोड़ डॉलर से 34.8 करोड़ डॉलर के बीच रहा है।
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घटी चीन पर निर्भरता
चीन से खिलौनों का आयात बिल 2012-13 में 21.4 करोड़ डॉलर था, जो 2023-24 में घटकर 4.16 करोड़ डॉलर रह गया। खिलौना आयात में चीन की हिस्सेदारी भी 94 फीसदी से घटकर 64 फीसदी रह गई। 


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घरेलू विनिर्माण बनाना होगा मजबूत
फिक्की का कहना है कि लाभ उठाने के लिए भारत को घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने का प्रयास तेज करना चाहिए। खासतौर पर मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजनाओं के तहत। भारत को उन क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें मजबूत बनाना चाहिए, जो अनुकूल व्यापार अंतरों पर कम निर्भर हैं। इससे भविष्य में टैरिफ झटकों के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा मिलेगी। 

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