फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   US regulator seeks Law Ministry's help in Adani bribery case, shows court filing

Adani: अदाणी केस में अमेरिकी नियामक ने कानून मंत्रालय से मांगी मदद, ₹2029 करोड़ की रिश्वत देने का है आरोप

Wed, 19 Feb 2025 12:28 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 19 Feb 2025 12:28 PM IST
सार

Adani US Row: अमेरिकी प्रतिभूति विनिमय आयोग (एसईसी) ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे के खिलाफ कथित प्रतिभूति धोखाधड़ी और 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वतखोरी योजना की जांच में कानून मंत्रालय से मदद मांगी है। अमेरिकी नियामक एसईसी ने अदालत को इसकी जानकारी दी है। इस मामले में और क्या अपडेट सामने आए हैं, आइए जानें।

विज्ञापन
US regulator seeks Law Ministry's help in Adani bribery case, shows court filing
गौतम अदाणी। - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी प्रतिभूति विनिमय आयोग (एसईसी) ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे के खिलाफ कथित प्रतिभूति धोखाधड़ी और 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वतखोरी योजना की जांच में कानून मंत्रालय से मदद मांगी है।

विज्ञापन

गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर अमेरिका में लगे हैं आरोप

अमेरिकी एसईसी ने न्यूयॉर्क जिला न्यायालय को बताया कि गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर तक अपनी शिकायत पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रहा है। नियामक ने बताया है कि उसने अदाणी तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए भारत के कानून मंत्रालय से मदद मांगी है। नियामक ने बताया कि उसने पहले ही अदाणी और उनके वकील से संपर्क कर लिया और उन्हें मुकदमे की सूचना भेज दी

विज्ञापन

सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2029 करोड़ की रिश्वत देने का है आरोप

पिछले साल नवंबर में, अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अदाणी और अन्य पर 2020-2024 के बीच राज्य बिजली वितरण कंपनियों के साथ सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 265 मिलियन अमरीकी डालर (लगभग 2,029 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने का आरोप लगाया था। अमेरिका में गौतम अदाणी के खिलाफ अभियोग में आरोप लगाया गया है कि उद्योगपति ने भारत में सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए रिश्वत दी और धोखाधड़ीपूर्ण वित्तीय खुलासे कर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदाणी समूह ने खुद पर लगे आरोपों को बताया है निराधार

बाइडन प्रशासन के तहत हुए इस अभियोग को अदाणी समूह ने निराधार बताकर खारिज कर दिया है। समूह ने कहा कि वह इस मामले में सभी "संभव कानूनी उपाय" तलाशेगा। इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के लागू होने पर रोक लगा दी थी। यह विनियमन अदाणी के मामले में भी लागू था। पिछले साल दिसंबर में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका में अदाणीसे जुड़ी संस्थाओं से जुड़ी कानूनी कार्यवाही में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है ।

इस मामले में अब तक भारत सरकार का क्या है रुख, जानें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "यह एक कानूनी मामला है जिसमें निजी फर्म और व्यक्ति के साथ अमेरिकी न्याय विभाग शामिल हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में "स्थापित प्रक्रियाओं और कानूनी समाधानों" का पालन किया जाएगा। अदाणी रिश्वत मामले पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले कहा कि सरकार मीडिया रिपोर्ट के आधार पर काम नहीं करती है। एक समाचार चैनल से बातचीत में अमित शाह ने कहा था कि सरकार तभी काम करेगी जब "हमारे पास दस्तावेज होंगे।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed