US: छंटनी नहीं, पर रोजगार बाजार संकट में; बेरोजगारी की मौजूदा दर महामारी को छोड़ 2012 के बाद सर्वाधिक
अमेरिका में बेरोजगारी दर भले ही औपचारिक रूप से कम दिख रही हो, लेकिन खासकर नए कॉलेज स्नातकों के लिए नौकरी पाना चुनौती बन गया है। मार्च में 22–27 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 5.8% तक पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दर 2012 के बाद सबसे ज्यादा है (महामारी को छोड़कर)। वहीं H-1B वीजा पर अमेरिकी नौकरी चाहने वालों को भी अब पहले से कठिन माहौल का सामना करना पड़ रहा है।
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अमेरिका में रोजगार की तलाश में भारत और चीन समेत कई देशों से लोग एच-1 बी वीजा पर नौकरियां पाने के प्रयास में जुटे है, लेकिन अमेरिकी रोजगार बाजार धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। यह व्यापक छंटनी के रूप में नहीं दिख रहा क्योंकि बेरोजगारी दर अभी भी कम है। उससे भी आगे यह स्पष्ट दिखने लगा है कि नए कॉलेज स्नातक अमेरिकी रोजगार बाजार में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 22 से 27 वर्ष के कॉलेज स्नातकों के लिए बेरोजगारी दर मार्च में 5.8% तक पहुंच गई है।
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डाटा फर्म फैक्टसेट के पूर्वानुमानकर्ताओं के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, बेरोजगारी की यह दर महामारी को छोड़कर, 2012 के बाद से सबसे ज्यादा है। यह अमेरिकी राष्ट्रीय बेरोजगारी दर से कहीं अधिक है। नौकरियों में बने कई अमेरिकी फिलहाल नई खोज के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि उनके लिए बाजार में जगह सिमट चुकी है।
सिर्फ कुछ ही उद्योग वास्तव में आक्रामक रूप से भर्तियां कर रहे हैं। लेकिन उन पर नौकरियों में बने पुराने लोगों का भरोसा नहीं है। सर्वेक्षण के अनुसार, जब श्रम मंत्रालय भारतीय समयानुसार शनिवार को अपनी जुलाई की रोजगार रिपोर्ट जारी करेगा, तो यह पता चल सकेगा कि कंपनियों, सरकारी एजेंसियों ने गत माह कितनी नौकरियां जोड़ीं।
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छंटनी से बच रहे, नई भर्तियां रोकीं
ईवाई-पार्थेनन के मुख्य अर्थशास्त्री ग्रेगरी डको ने कहा, अमेरिकी श्रम बाजार मंदी के लिए तैयार है क्योंकि व्यवसाय भर्ती योजनाओं को रोक रहे हैं लेकिन व्यापक आधार पर छंटनी से बच रहे हैं। आने वाले महीनों में हम रोजगार वृद्धि की गति में गिरावट को रुझान से काफी कम होते हुए देख रहे हैं। वैनगार्ड के वरिष्ठ अर्थशास्त्री एडम शिक्लिंग ने चेताया, कम बेरोजगारी दर और छंटनी की धीमी गति अंतर्निहित कमजोरी को छिपा देती है। लेकिन अंदरखाने यह काम करती है और आगे चलकर खतरनाक होती है।