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US-India Trade Relief: खाद्य पदार्थों पर टैरिफ हटने से किसानों को राहत, निर्यात तीन अरब डॉलर बढ़ने की उम्मीद
Mon, 17 Nov 2025 04:40 AM IST
हिमांशु चंदेल
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 17 Nov 2025 04:40 AM IST
सार
India Export Growth: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 200 से अधिक खाद्य पदार्थों को पारस्परिक टैरिफ से बाहर करने का फैसला भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए राहत लेकर आया है। चाय, कॉफी, मसाले, काजू, फल और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एफआईईओ के अनुसार इससे 2.5 से तीन अरब डॉलर तक निर्यात बढ़ सकता है।
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निर्यात
- फोटो : Istock
विस्तार
अमेरिका में महंगाई रोकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई खाद्य पदार्थों को पारस्परिक टैरिफ से बाहर करने के फैसले से भारतीय किसानों को राहत मिल सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे भारतीय कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इसे द्विपक्षीय व्यापक व्यापार वार्ता के लिए एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है।
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (एफआईईओ) के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है कि टैरिफ छूट से 2.5 अरब डॉलर से तीन अरब डॉलर के बीच निर्यात में इजाफा होगा। उन्होंने कहा, यह आदेश प्रीमियम, विशिष्ट और मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए रास्ता खोलता है, जो निर्यातक उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं वे मूल्य दबावों से बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे और बढ़ती उपभोक्ता मांग का लाभ उठा सकेंगे।
ट्रंप के फैसले किसे राहत?
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को 200 से ज्यादा खाद्य उत्पादों को टैरिफ की सूची से बाहर कर दिया था क्योंकि अमेरिका में किराना सामान की बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ रही थीं। चाय, कॉफी, मसालों और काजू जैसी चीजों पर यूरोपीय संघ और वियतनामी आपूर्तिकर्ताओं पर 15-20% शुल्क था लेकिन भारतीय निर्यातकों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा था क्योंकि ट्रंप ने कुछ भारतीय वस्तुओं के आयात पर टैरिफ दोगुना करके 50% तक कर दिया था।
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ये भी पढ़ें- महंगाई की मार ने बदली ट्रंप की नीति, कई खाद्य उत्पादों पर टैरिफ को किया गया खत्म
व्यापार और कृषि निर्यात नीति से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि अब तमाम खाद्य पदार्थों पर दी गई छूट अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत हैं और इस साल टैरिफ वृद्धि से उत्पन्न निर्यात दबाव को कम कर सकती हैं। भारतीय कृषि निर्यात से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ट्रंप के ताजा फैसले से भारतीय किसानों और चाय, कॉफी, काजू तथा फलों और सब्जियों के निर्यातकों को फायदा होगा।
टैरिफ बढ़ाने से घटा था निर्यात
टैरिफ बढ़ाने के बाद सितंबर में अमेरिका को भारतीय वस्तुओं का निर्यात सालाना आधार पर लगभग 12% घटकर 5.43 अरब डॉलर रह गया था। 2024 में अमेरिका को देश के 87 अरब डॉलर के निर्यात में भारतीय कृषि निर्यात का हिस्सा 5.7 अरब डॉलर होने का अनुमान है। ट्रंप के ताजा फैसले से भारतीय किसानों और चाय, कॉफी, काजू तथा फलों और सब्जियों के निर्यातकों को फायदा होगा।
पूरे 50% टैरिफ छूट पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
श्रीवास्तव ने कहा, टैरिफ में बदलाव से मसालों और विशिष्ट बागवानी में भारत की स्थिति थोड़ी मजबूत होगी और टैरिफ बढ़ोतरी के बाद अमेरिका में खोई कुछ मांग को फिर से पाने में मदद मिलेगी। हालांकि, लैटिन अमेरिकी, अफ्रीकी और आसियान आपूर्तिकर्ताओं को ज्यादा फायदा होने की संभावना है। साथ ही जोड़ा, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय निर्यात 25% पारस्परिक शुल्कों से मुक्त होंगे या पूरे 50% शुल्कों से।
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भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (एफआईईओ) के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है कि टैरिफ छूट से 2.5 अरब डॉलर से तीन अरब डॉलर के बीच निर्यात में इजाफा होगा। उन्होंने कहा, यह आदेश प्रीमियम, विशिष्ट और मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए रास्ता खोलता है, जो निर्यातक उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं वे मूल्य दबावों से बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे और बढ़ती उपभोक्ता मांग का लाभ उठा सकेंगे।
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ट्रंप के फैसले किसे राहत?
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को 200 से ज्यादा खाद्य उत्पादों को टैरिफ की सूची से बाहर कर दिया था क्योंकि अमेरिका में किराना सामान की बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ रही थीं। चाय, कॉफी, मसालों और काजू जैसी चीजों पर यूरोपीय संघ और वियतनामी आपूर्तिकर्ताओं पर 15-20% शुल्क था लेकिन भारतीय निर्यातकों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा था क्योंकि ट्रंप ने कुछ भारतीय वस्तुओं के आयात पर टैरिफ दोगुना करके 50% तक कर दिया था।
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व्यापार और कृषि निर्यात नीति से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि अब तमाम खाद्य पदार्थों पर दी गई छूट अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत हैं और इस साल टैरिफ वृद्धि से उत्पन्न निर्यात दबाव को कम कर सकती हैं। भारतीय कृषि निर्यात से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ट्रंप के ताजा फैसले से भारतीय किसानों और चाय, कॉफी, काजू तथा फलों और सब्जियों के निर्यातकों को फायदा होगा।
टैरिफ बढ़ाने से घटा था निर्यात
टैरिफ बढ़ाने के बाद सितंबर में अमेरिका को भारतीय वस्तुओं का निर्यात सालाना आधार पर लगभग 12% घटकर 5.43 अरब डॉलर रह गया था। 2024 में अमेरिका को देश के 87 अरब डॉलर के निर्यात में भारतीय कृषि निर्यात का हिस्सा 5.7 अरब डॉलर होने का अनुमान है। ट्रंप के ताजा फैसले से भारतीय किसानों और चाय, कॉफी, काजू तथा फलों और सब्जियों के निर्यातकों को फायदा होगा।
पूरे 50% टैरिफ छूट पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
श्रीवास्तव ने कहा, टैरिफ में बदलाव से मसालों और विशिष्ट बागवानी में भारत की स्थिति थोड़ी मजबूत होगी और टैरिफ बढ़ोतरी के बाद अमेरिका में खोई कुछ मांग को फिर से पाने में मदद मिलेगी। हालांकि, लैटिन अमेरिकी, अफ्रीकी और आसियान आपूर्तिकर्ताओं को ज्यादा फायदा होने की संभावना है। साथ ही जोड़ा, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय निर्यात 25% पारस्परिक शुल्कों से मुक्त होंगे या पूरे 50% शुल्कों से।
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