इंडियन ऑयल: सेना की ईस्टर्न कमांड को भेजी गई एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल की पहली खेप, कैसे मिलेगा फायदा?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के लिए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड हाई-स्पीड डीजल की पहली खेप रवाना की है। यह विशेष ईंधन अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सेना की आपूर्ति शृंखला मजबूत होगी।
विस्तार
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) ने भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के लिए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड हाई-स्पीड डीजल की पहली खेप रवाना की है। कंपनी ने शनिवार को बताया कि यह विशेष ईंधन अब उत्तरी सीमा के साथ-साथ पूर्वी सीमा पर भी उपलब्ध होगा। एक्सडब्ल्यूजी हाई-स्पीड डीजल जुलाई 2026 में सेना प्रमुख द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। यह ईंधन चुनौतीपूर्ण भूभाग में सैन्य वाहनों और उपकरणों के बेहतर कम तापमान प्रदर्शन और विश्वसनीय संचालन के लिए डिजाइन किया गया है।
आईओसी के पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स से इस खेप को लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने रवाना किया। वह रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय में महानिदेशक आपूर्ति और परिवहन तथा वरिष्ठ कर्नल कमांडेंट हैं। इस कदम से आईओसी पूर्वी क्षेत्र में एक्सडब्ल्यूजी डीजल तैनात करने वाली पहली सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी बन गई है। यह सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सेना की आवश्यकताओं के लिए एक समर्पित आपूर्ति श्रृंखला को सक्षम करेगा। नवीनतम प्रेषण के साथ, आईओसी का एक्सडब्ल्यूजी डीजल आपूर्ति का दायरा अब उत्तरी और पूर्वी दोनों सीमाओं को कवर करता है।
एक्सडब्ल्यूजी डीजल क्यों है खास?
एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल विशेष रूप से अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए बनाया गया है। पारंपरिक डीजल ऐसे क्षेत्रों में ठंड के मौसम में संचालन संबंधी समस्याओं का सामना कर सकता है। यह विशेष ग्रेड ईंधन कम तापमान पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। यह सैन्य वाहनों और उपकरणों की विश्वसनीयता में सुधार करता है। लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने इसे परिचालन तैयारी और तत्परता के लिए एक संभावित गेम चेंजर बताया।
पूर्वी सीमा पर आपूर्ति का क्या महत्व है?
यह विशेष ईंधन पहली बार लद्दाख से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सैन्य अभियानों का समर्थन करना है। लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने एक अनुमानित, मापनीय और उत्तरदायी आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सही समय पर सही जगह पर सही ईंधन की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया। आईओसी की साझेदारी ने एक्सडब्ल्यूजी डीजल को पूर्वी क्षेत्र में एक परिचालन वास्तविकता में बदल दिया है। के जॉन प्रसाद ने कहा कि भारतीय सेना सबसे चुनौतीपूर्ण भूभाग में काम करती है, जहां भरोसेमंद ईंधन प्रदर्शन परिचालन गतिशीलता के लिए महत्वपूर्ण है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आईओसी का योगदान क्या है?
आईओसी का यह कदम सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी, उद्देश्य के अनुरुप ऊर्जा समाधान विकसित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह 'नेशन फर्स्ट' के उसके मुख्य कॉरपोरेट मूल्यों के तहत है। कंपनी आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में भी योगदान दे रही है। आईओसी ने 2019 में विंटर ग्रेड डीजल और 2022 में ऑल वेदर ग्रेड एचएसडी तथा लो सल्फर लो एरोमैटिक सुपीरियर केरोसिन ऑयल जैसे विशेष ईंधन भी विकसित किए हैं। यह नवीनतम प्रेषण सेना के साथ आईओसी की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करता है। यह स्वदेशी उत्पाद विकास को राष्ट्रव्यापी ईंधन वितरण नेटवर्क के साथ जोड़ता है।