UPI: देश के बाहर भी यूपीआई का प्रभाव बढ़ा; जून में रिकॉर्ड लेनदेन, वैश्विक साझेदारियों से मिला नया विस्तार
भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नया आकार देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अपना प्रभाव बढ़ाती जा रही है। त्रिनिदाद और टौबैगो यूपीआई को अपनाने वाला पहला कैरेबियाई देश बन गया है।
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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने उपोयगकर्ता अनुभव बढ़ाने के लिए यूपीआई में नई सुविधाएं शुरू की हैं। इसमें क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स, लोन और इंश्योरेंस सेवाओं के एकीकरण और अन्य अनेक सुविधाएं शामिल हैं।
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त्रिनिदाद और टोबैगो यूपीआई को अपनाने वाला पहला कैरेबियाई देश बना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के दौरान यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का नया उदाहरण देखने को मिला। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की। त्रिनिदाद और टौबैगो यूपीआई को अपनाने वाला पहला कैरेबियाई देश बन गया है। दोनों देशों ने डिजिटल क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने और इंडिया स्टैक सॉल्यूशंस जैसे डिजीलॉकर, ई-साइन और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के कार्यान्वयन में सहयोग पर सहमति जताई।
साइप्रस ने भी यूपीआई शुरू करने पर सहमति जताई
इसके अलावा, जून 2025 में पीएम मोदी की साइप्रस यात्रा के दौरान एनपीसीआई और यूरोबैंक साइप्रस ने दोनों देशों के बीच सीमा पार भुगतान के लिए यूपीआई शुरू करने पर सहमति व्यक्त की थी। इसका उद्देश्य उनके आर्थिक संबंधों को गहरा करना था।
जून में हुए 24,03,930 करोड़ रुपये मूल्य के लेनदेन
घरेलू स्तर पर भी यूपीआई लगातार नई ऊंचाईयों को छू रहा है। अकेले जून 2025 में यूपीआई के जरिए 24,03,930 करोड़ रुपये मूल्य के लेनदेन दर्ज किए गए। यह वृद्धि साल-दर-साल प्रतिशत में नहीं, बल्कि कई गुना मापी जा रही है।
ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का अनुमान
बाजार की धारणा को डिजिटल रुझानों को मापने के तरीके में एक नया आयाम जोड़ते हुए, भारत के सबसे बड़े ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, प्रोबो ने यूपीआई-संबंधित पूर्वानुमानों में व्यापारियों की रुचि बढ़ती देखी है। प्रोबो पर 8 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 3,000 सक्रिय ट्रेडर्स का मानना है कि जुलाई 2025 में UPI लेनदेन का मूल्य 25,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जिसकी संभावना 80% आंकी गई है। वहीं, एनपीसीआई की वेबसाइट के मुताबिक, 7 जुलाई तक यह आंकड़ा 6,60,102 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।