Modi Cabinet: मोदी सरकार की किसानों को सौगात, खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोतरी करने का फैसला
बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की फसल के क्रय-विक्रय को देखते हुए बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब किसानों की खरीफ फसलों के लिए एमएसपी को बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है।
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नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की फसल के क्रय-विक्रय को देखते हुए बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब किसानों की खरीफ फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। इससे किसनों को अपनी फसल बेचने में बड़ी राहत मिलेगी। साल 2022-23 के लिए खरीफ फसलों का MSP बढ़ने से किसानों को अब नए दाम पर अपनी फसल की बिक्री करने का मौका मिलेगा और उनकी कमाई में इजाफा होगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि तिल के दाम में 523 रुपये की बढ़ोतरी होगी। मूंग पर प्रति क्विंटल 480 रुपये की बढ़ोतरी होगी। सूरजमुखी पर 358 रुपये प्रति क्विंटल है। मूंगफली पर 300 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। गौरतलब है कि 2014 से पहले 1-2 फसलों पर खरीद होती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद बाकी फसलों को भी इसमें जोड़ा गया और किसानों की आय भी बढ़ी है। गौरतलब है कि लगातार तीसरे साल सरकार ने खरीफ की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। कैबिनेट की बैठक में 17 खरीफ फसलों के नई MSP को मंजूरी दी गई।
एमएसपी वह न्यूनतम समर्थन मूल्य है जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। फसलों की कीमतों में बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर किसानों पर नहीं पड़ता यानी भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हो, लेकिन किसानों की एमएसपी त होती है। सरकार हर फसल सीजन से पहले सीएसीपी यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेस की सिफारिश पर एमएसपी तय करती है। खरीफ के अंतर्गत धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन, उडद, तुअर, कुल्थी, जूट, सन, कपास आदि। खरीफ की फसलें जून जुलाई में बोई जाती हैं। सितंबर-अक्टूबर में इनकी कटाई होती है।
दस इन-ऑर्बिट संचार उपग्रह एनएसआईएल को हस्तांतरित होंगे
केंद्रीय कैबिनेट ने स्पेस क्रांति के लिए तत्पर देश को दस इन-ऑर्बिट संचार उपग्रहों को केंद्र के पाले से न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। कैबिनेट ने एनएसआईएल की शेयर पूंजी को एक हजार करोड़ रुपयों से बढ़ाकर 7500 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों का होगा आने वाला समय: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आने वाला वक्त उन लोगों का होगा जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश किया है। हमारी सरकार ने आठ वर्षों में इस क्षेत्र को मजबूती देने के लिए जो काम किया है उस पर मुझे गर्व है। मोदी ने नमो एप पर सरकार के प्रमुख प्रयासों के बारे में जानकारी साझा करते हुए यह ट्वीट किया। मोदी ने कहा कि सरकार की आयुष्मान योजना के तहत देशभर के 3.26 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। गरीबों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना, छह नए एम्स शुरू किए गए। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान दुनिया का सबसे बड़ा, तेज और पहला डिजिटल टीकाकरण अभियान भी सरकार ने शुरू किया। 2014 के बाद से देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
विदेशों से हुए समझौतों को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई देशों के साथ विभिन्न समझौतों को मंजूरी दी। इसके तहत उद्योग और विकसित प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। दोनों देशों ने इस वर्ष 18 फरवरी को व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
इस में दोनों के बीच व्यापार 60 अरब अमेरिकी डॉलर (4.57 लाख करोड़ रुपये) से बढ़ाकर अगले पांच वर्ष में 100 अरब डॉलर (7.63 लाख करोड़ रुपये) तक करने की क्षमता है। कैबिनेट ने एसएन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज, कोलकाता और जर्मनी की एक संस्था के बीच समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य नवीन चुंबकीय और टोपोलॉजिकल क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग करना है।
इन फैसलों को भी मिली मंजूरी
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए), भारत सरकार और विदेश और व्यापार विभाग (डीएफएटी), ऑस्ट्रेलिया सरकार के बीच शहरी जल प्रबंधन में तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन से कैबिनेट को अवगत कराया गया। समझौता ज्ञापन पर दिसंबर, 2021 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता शहरी जल सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगा।
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार (डीबीटी) तथा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अंतरराष्ट्रीय एड्स वैक्सीन पहल (आईएवीआई), यूएसए के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी कैबिनेट ने दे दी। यह समझौता एचआईवी, टीबी, कोविड-19 और अन्य उभरती संक्रामक और उपेक्षित बीमारियों को रोकने और उनका इलाज करने के लिए नए, बेहतर और नवोन्मेषी जैव चिकित्सा उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान करेगा।
- कैबिनेट को नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एनवायर्नमेंटल स्टडीज, जापान और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एआरआईईएस), भारत के बीच सहयोगात्मक दिशा-निर्देश स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हुए हस्ताक्षर की जानकारी दी गई। इस समझौते का उद्देश्य वायु गुणवत्ता और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त अनुसंधान करना और इन्हें कार्यान्वित करना है।