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GST Reforms: केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताई जीएसटी दरों में बदलाव की खासियत, कहा- यह देश के हर नागरिक की जीत
Sun, 14 Sep 2025 05:09 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 14 Sep 2025 05:09 PM IST
सार
चेन्नई सिटीजन फोरम के कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव का लाभकारी प्रभाव सुबह से लेकर रात को सोने तक सभी उत्पादों पर रहेगा। जीएसटी के तहत जिन 99 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, अब उन्हें घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी दरों में 22 सितंबर से होने जा रहे बदलाव की खासियत बताई। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव देश के हर नागरिक की बड़ी जीत है। पीएम मोदी ने दिवाली पर जीएसटी दरों में बदलाव करने के निर्देश दिए थे, लेकिन हमने इसे दिवाली से काफी पहले लागू कर दिया।
चेन्नई सिटीजन फोरम के 'उभरते भारत के लिए कर सुधार' विषय पर व्यापार एवं उद्योग संघ के संयुक्त सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव का लाभकारी प्रभाव सुबह से लेकर रात को सोने तक सभी उत्पादों पर रहेगा। जीएसटी के तहत जिन 99 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, अब उन्हें घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद ने 350 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरें कम कर दी हैं। केंद्र ने पहले अलग-अलग स्लैब के तहत कर लगाने की प्रथा के बजाय केवल 5 और 28 प्रतिशत की स्लैब शुरू की है। हमने व्यापारियों के लिए भी प्रक्रिया सरल कर दी है। किसी भी उत्पाद पर 28 प्रतिशत जीएसटी कर नहीं है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद पिछले आठ साल में कर चुकाने वाले व्यवसायों की संख्या बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि वे इससे लाभान्वित हो सकेंगे। यह संख्या भविष्य में और बढ़ेगी। इस वृद्धि के कारण केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में वृद्धि हुई है।
जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ के पार पहुंचा
उन्होंने कहा कि 2017 में कर संग्रह 7.19 लाख करोड़ रुपये था और अब सकल जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा औसतन 1.8 लाख से 2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया जाता है। 1.80 लाख करोड़ रुपये के सकल राजस्व को आधा-आधा बांटा जाता है, जिसमें राज्यों को 90,000 करोड़ रुपये और केंद्र को 90,000 करोड़ रुपये मिलते हैं। यहां तक कि केंद्र के हिस्से के 90,000 करोड़ रुपये के राजस्व में से भी लगभग 41 प्रतिशत राज्यों को वापस जाता है। उन्होंने कहा कि इससे हम समझ सकते हैं कि जीएसटी से जनता और राज्य सरकार को लाभ होगा।
सड़क किनारे बिकने वाले पॉपकॉर्न पर कोई कर नहीं
जीएसटी सुधारों के लागू होने से पहले व्यापारियों द्वारा उठाए गए वर्गीकरण के मुद्दे पर सीतारमण ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि पॉपकॉर्न की बिक्री के लिए एक वर्गीकरण किया गया है। अगर नमकीन पॉपकॉर्न बेचा जाता है, तो नमकीन श्रेणी में बेचने पर पांच प्रतिशत कर लगेगा, जबकि मीठे पॉपकॉर्न पर 18 प्रतिशत कर लगाया जाता है। सड़क किनारे बिकने वाले पॉपकॉर्न पर कोई कर नहीं है। लेकिन जब वही पॉपकॉर्न ब्रांडेड होता है और किसी कारखाने में बनता है, तो यह वर्गीकरण लागू होता है। लेकिन नए जीएसटी सुधारों में इसे सरल बना दिया गया है। अब सभी खाद्य उत्पाद 5 प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं या उन पर कोई कर नहीं लगाया गया है। अब वर्गीकरण की कोई समस्या नहीं है। यह पॉपकॉर्न आप सभी के समझने के लिए एक उदाहरण है।
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को गति देने के लिए इस प्रकार के उपाय किए गए हैं। मुझे उम्मीद है कि लोग इस कदम का स्वागत करेंगे। दरअसल, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, गोदरेज जैसी कई कंपनियों ने मुझे आश्वासन दिया है कि वे इसका लाभ जनता तक पहुंचाएंगी।
जीएसटी सुधारों पर पुस्तक का किया विमोचन
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अंग्रेजी और तमिल में एक पुस्तक का भी विमोचन किया। इसमें जीएसटी सुधारों के कार्यान्वयन के बाद तमिलनाडु को मिलने वाले लाभों को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले क्या कराधान था और नया क्या है तथा जीएसटी सुधारों से तमिलनाडु को कैसे लाभ होगा? इसका यहां स्पष्ट उल्लेख किया गया है और मैं आप सभी से इस पुस्तक को पढ़ने का आग्रह करती हूं, जो अंग्रेजी और तमिल दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
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चेन्नई सिटीजन फोरम के 'उभरते भारत के लिए कर सुधार' विषय पर व्यापार एवं उद्योग संघ के संयुक्त सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव का लाभकारी प्रभाव सुबह से लेकर रात को सोने तक सभी उत्पादों पर रहेगा। जीएसटी के तहत जिन 99 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, अब उन्हें घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद ने 350 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरें कम कर दी हैं। केंद्र ने पहले अलग-अलग स्लैब के तहत कर लगाने की प्रथा के बजाय केवल 5 और 28 प्रतिशत की स्लैब शुरू की है। हमने व्यापारियों के लिए भी प्रक्रिया सरल कर दी है। किसी भी उत्पाद पर 28 प्रतिशत जीएसटी कर नहीं है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद पिछले आठ साल में कर चुकाने वाले व्यवसायों की संख्या बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि वे इससे लाभान्वित हो सकेंगे। यह संख्या भविष्य में और बढ़ेगी। इस वृद्धि के कारण केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में वृद्धि हुई है।
जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ के पार पहुंचा
उन्होंने कहा कि 2017 में कर संग्रह 7.19 लाख करोड़ रुपये था और अब सकल जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा औसतन 1.8 लाख से 2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया जाता है। 1.80 लाख करोड़ रुपये के सकल राजस्व को आधा-आधा बांटा जाता है, जिसमें राज्यों को 90,000 करोड़ रुपये और केंद्र को 90,000 करोड़ रुपये मिलते हैं। यहां तक कि केंद्र के हिस्से के 90,000 करोड़ रुपये के राजस्व में से भी लगभग 41 प्रतिशत राज्यों को वापस जाता है। उन्होंने कहा कि इससे हम समझ सकते हैं कि जीएसटी से जनता और राज्य सरकार को लाभ होगा।
सड़क किनारे बिकने वाले पॉपकॉर्न पर कोई कर नहीं
जीएसटी सुधारों के लागू होने से पहले व्यापारियों द्वारा उठाए गए वर्गीकरण के मुद्दे पर सीतारमण ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि पॉपकॉर्न की बिक्री के लिए एक वर्गीकरण किया गया है। अगर नमकीन पॉपकॉर्न बेचा जाता है, तो नमकीन श्रेणी में बेचने पर पांच प्रतिशत कर लगेगा, जबकि मीठे पॉपकॉर्न पर 18 प्रतिशत कर लगाया जाता है। सड़क किनारे बिकने वाले पॉपकॉर्न पर कोई कर नहीं है। लेकिन जब वही पॉपकॉर्न ब्रांडेड होता है और किसी कारखाने में बनता है, तो यह वर्गीकरण लागू होता है। लेकिन नए जीएसटी सुधारों में इसे सरल बना दिया गया है। अब सभी खाद्य उत्पाद 5 प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं या उन पर कोई कर नहीं लगाया गया है। अब वर्गीकरण की कोई समस्या नहीं है। यह पॉपकॉर्न आप सभी के समझने के लिए एक उदाहरण है।
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को गति देने के लिए इस प्रकार के उपाय किए गए हैं। मुझे उम्मीद है कि लोग इस कदम का स्वागत करेंगे। दरअसल, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, गोदरेज जैसी कई कंपनियों ने मुझे आश्वासन दिया है कि वे इसका लाभ जनता तक पहुंचाएंगी।
जीएसटी सुधारों पर पुस्तक का किया विमोचन
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अंग्रेजी और तमिल में एक पुस्तक का भी विमोचन किया। इसमें जीएसटी सुधारों के कार्यान्वयन के बाद तमिलनाडु को मिलने वाले लाभों को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले क्या कराधान था और नया क्या है तथा जीएसटी सुधारों से तमिलनाडु को कैसे लाभ होगा? इसका यहां स्पष्ट उल्लेख किया गया है और मैं आप सभी से इस पुस्तक को पढ़ने का आग्रह करती हूं, जो अंग्रेजी और तमिल दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
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