फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Union Budget 2021 : Finance Minister Nirmala Sitharaman Will Present, Read All Expectations Of All Sectors

आम बजट सोमवार को होगा पेश, क्या यह बही-खाते से कुछ अलग होगा? अमर उजाला डॉट कॉम पर पढ़ें

Sun, 31 Jan 2021 09:19 PM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sun, 31 Jan 2021 09:19 PM IST
विज्ञापन
Union Budget 2021 : Finance Minister Nirmala Sitharaman Will Present, Read All Expectations Of All Sectors
बजट 2021 - फोटो : अमर उजाला

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने दुनिया के सभी देशों को आर्थिक रूप से खास प्रभावित किया है। इस बीच देश में एक फरवरी को सुबह 11 बजे आम बजट पेश होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को 'अलग हटके' बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट से उम्मीद है कि इसमें महामारी से पीड़ित आम आदमी को राहत दी जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे और रक्षा पर अधिक खर्च के माध्यम से आर्थिक सुधार को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने की भी उम्मीद की जा रही है। 

विज्ञापन


इस मौके पर अमर उजाला डॉट कॉम अपने पाठकों के लिए बजट से जुड़ी पल-पल की खबर लेकर आएगा। साथ ही बजट में किए गए प्रावधानों को लेकर विश्लेषण और विशेषज्ञों की राय भी प्रकाशित की जाएगी। क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा होने वाला है इसकी जानकारी भी आप वेबसाइट पर प्रकाशित खबरों के माध्यम से ले सकते हैं। 
विज्ञापन


बता दें कि अमर उजाला डॉट कॉम अपने पाठकों के लिए सही समय पर सटीक आकलन के साथ खबरें प्रस्तुत करता है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज से लेकर समाचार विश्लेषण तक शामिल हैं। यहां पाठक सिर्फ बजट ही नहीं, देश-विदेश तथा अपने शहर की खबरों के साथ मनोरंजन जगत और विभिन्न क्षेत्रों की खबरों का ताजा अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन




मोदी सरकार के नौवें बजट से पहले होगी कैबिनेट बैठक
यह एक अंतरिम बजट समेत मोदी सरकार का नौवां बजट होने वाला है। सोमवार को आम बजट पेश किए जाने से पहले संसद में केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक भी होगी। सुबह 10.15 बजे होने वाली इस कैबिनेट बैठक में बजट 2021-22 को पेश करने से पहले जरूरी चर्चा की जाएगी। यह बजट ऐसे समय पेश हो रहा है, जब देश कोविड-19 संकट से बाहर निकल रहा है। इसमें व्यापक रूप से रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास पर खर्च को बढ़ाने, विकास योजनाओं के लिए उदार आवंटन, औसत करदाताओं के हाथों में अधिक पैसा डालने और विदेशी कर को आकर्षित करने के लिए नियमों को आसान किए जाने की उम्मीद की जा रही है।





 

बजट ऐसा होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया..

वित्त मंत्री इस बार बरसों से चली आ रही परंपराएं मसलन पुरानी योजनाओं को नए कलेवर से पेश करने को तोड़ सकती हैं। दरअसल, सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में चमड़े के पारंपरिक ब्रीफकेस को बदल दिया था और लाल कपड़े में लिपटे 'बही-खाते' के रूप में बजट दस्तावेजों को पेश किया था। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट इस तरीके का होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का भी कहना है कि यह बजट कोरोना महामारी की वजह से तबाह हुई अर्थव्यवस्था को वापस जोड़ने की शुरुआत होगा। उनका यह भी कहना है कि इस बजट को महज बही-खाते अथवा लेखा-जोखा या पुरानी योजनाओं को नए कलेवर में पेश करने से अलग हटकर होना चाहिए।

विशेषज्ञ चाहते हैं ऐसा हो बजट..

विशेषज्ञ चाहते हैं कि यह बजट कुछ इस तरीके का हो, जो भविष्य की राह दिखाए और दुनिया में सबसे तेजी से वृद्धि करती प्रमुख अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाए। सोच-समझकर तैयार किया गया बजट भरोसा बहाल करने में लंबी दौड़ का घोड़ा साबित होता है।

इसे सितंबर 2019 में पेश मिनी बजट या 2020 में किस्तों में की गई सुधार संबंधी घोषणाओं से स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। सीतारमण के पहले बजट के पेश होने के महज दो महीने बाद कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती की गई थी।

अर्थव्यवस्था में गिरावट आई तो..

अभी बड़े स्तर पर अर्थशास्त्रियों की आम राय है कि वित्त वर्ष 2020-21 में देश की अर्थव्यवस्था में सात से आठ प्रतिशत की गिरावट आने वाली है। यदि ऐसा होता है तो यह विकासशील देशों के बीच सबसे खराब प्रदर्शन में से एक होगा।

सरकार को अर्थव्यवस्था को गर्त से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। अब जबकि महामारी कम संक्रामक होने के लक्षण दिखा रही है और टीकाकरण कार्यक्रम में एक क्रमिक प्रगति हो रही है, यह एक बेहतर भविष्य की आशा को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में एक स्थायी आर्थिक पुनरुद्धार के लिए नीतिगत उत्प्रेरक की आवश्यकता होगी। यहीं पर यह बजट विशेष प्रासंगिक हो जाता है।

बजट से जुड़ी कुछ अहम बातें, जो आपको जानना है जरूरी

  • बजट सत्र दो भागों में होगा। पहला हिस्सा 29 जनवरी से 15 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा।
  • मोदी सरकार में पूर्व में रक्षा मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण तीसरी बारी पूर्णकालिक बजट पेश करने जा रही हैं। 
  • महामारी के कारण पहली बार बजट दस्तावेज की छपाई नहीं करने का फैसला किया गया है। यानी यह इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में होगा। यही वजह है कि इसके लिए यूनियन बजट नाम से एक विशेष एप को लॉन्च किया गया है।
  • कोरोना महामारी के कारण पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में है और यह बजट इसी विकट परिस्थिति में पेश किया जाएगा, जिससे बहुत उम्मीदें हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed