फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Ukraine Crisis : Russia denies oil deal with two Indian companies, only Indian Oil Corporation was able to negotiate

यूक्रेन संकट : रूस ने दो भारतीय कंपनियों के साथ तेल सौदे से किया इनकार, केवल ये कंपनी ही कर पाई समझौता

Fri, 10 Jun 2022 04:52 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 10 Jun 2022 04:52 AM IST
सार

भारतीय कंपनियों को रॉसनेफ्ट की ओर से अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में 40 डॉलर कम दाम पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया जा रहा था। विश्व बाजारों में तेल की कीमत यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद 139 डॉलर तक उछल गई थी। इस समय यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।

विज्ञापन
Ukraine Crisis : Russia denies oil deal with two Indian companies, only Indian Oil Corporation was able to negotiate
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : social media

विस्तार

रूस की तेल कंपनी रॉसनेफ्ट ने भारत की दो सरकारी तेल कंपनियों को तेल बेचने के लिए नया समझौता टाल दिया है। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार रूस ने दूसरे उपभोक्ताओं से किए गए वादे के कारण भारत को अतिरिक्त तेल बेचना स्थगित किया है। अभी केवल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ही रूस से अतिरिक्त तेल खरीदने का समझौता कर पाई है। रॉसनेफ्ट ने अतिरिक्त तेल न होने के कारण एचपीसीएल और बीपीसीएल के साथ नया करार करने से इनकार किया है।

विज्ञापन


विज्ञापन



हालांकि इस खबर के बारे में चारों ही संबंधित कंपनियों ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। यूक्रेन संघर्ष के कारण दुनिया के अधिकांश देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। कई देशों ने उससे तेल और गैस लेना भी बंद कर दिया है। ऐसे में भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदने का फैसला लिया था। रूस से तेल न मिलने के कारण दोनो सरकारी कंपनियों को स्पॉट बाजार से महंगा तेल खरीदना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस घटनाक्रम से यह भी साफ है कि तमाम प्रतिबंधों के बावजूद रूस अपना तेल बेचने में पूरी तरफ सफल है। भारतीय सूत्रों ने बताया कि रूसी तेल अब सस्ते दामों पर उपलब्ध नहीं है और कंपनियों बंदरगाह तक तेल पहुंचाने (डीएपी) के  भी सीमित प्रस्ताव मिल रहे हैं। इस प्रस्ताव के तहत विक्रेता बीमा और तेल आपूर्ति का भाड़ा वहन करता है और क्रेता को तेल का मालिकाना हक तब मिलता है जब कार्गो रवाना हो जाता है।


सस्ते तेल से मिल रही थी राहत
भारतीय कंपनियों को रॉसनेफ्ट की ओर से अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में 40 डॉलर कम दाम पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया जा रहा था। विश्व बाजारों में तेल की कीमत यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद 139 डॉलर तक उछल गई थी। इस समय यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। ऐसे में रूसी तेल न मिलने पर भारतीय तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन में कमी आ सकती है।

पहली बार कोयले का आयात करेगी कोल इंडिया
देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कोल इंडिया ने आयातित कोयले की खरीद के लिए निविदा जारी की है। यह पहली बार होगा, जब यह आयात करेगी। इसकी अनुमानित कीमत 3,100 करोड़ है। जुलाई-सितंबर के बीच 24 लाख टन कोयले की आपूर्ति के लिए बोली मंगाई गई। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 29 जून है। घरेलू बाजार में कोयले की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने कोल इंडिया को आयात का निर्देश दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed