Tracxn Report: भारतीय फिनटेक कंपनियों ने छह महीने में जुटाए $88.9 करोड़, दुनिया में भारत तीसरे स्थान पर
ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, भारतीय फिनटेक क्षेत्र में फंडिंग में अस्थायी गिरावट देखी गई, लेकिन शुरुआती स्तर के निवेश में स्थिर गति और अधिग्रहण गतिविधियों में वृद्धि से संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत है।
विस्तार
भारतीय फिनटेक कंपनियों ने 2025 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 88.9 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई। यह 2024 की पहली छमाही में जुटाए गए 93.6 करोड़ डॉलर से पांच फीसदी और 2024 की दूसरी छमाही के 1.2 अरब डॉलर से 26 फीसदी कम है। ट्रैक्सन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरावट के बावजूद भारतीय फिनटेक क्षेत्र अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, भारतीय फिनटेक क्षेत्र में फंडिंग में अस्थायी गिरावट देखी गई, लेकिन शुरुआती स्तर के निवेश में स्थिर गति और अधिग्रहण गतिविधियों में वृद्धि से संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत है। खासतौर से नवाचार आधारित मॉडलो में ऐसा देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, बंगलूरू का प्रभुत्व और तेज वृद्धि वाली कंपनियों के लगातार उभरने से वैश्विक फिनटेक क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत है।
ये भी पढ़ें: CCI: अल्ट्राटेक की बढ़ीं मुश्किलें; प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन का आरोप, सीसीआई ने मांगे वित्तीय दस्तावेज
शुरुआती स्टेज फंडिंग में 10 फीसदी वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक, सीड-स्टेज स्टार्टअप ने 2025 की पहली छमाही में 9.12 करोड़ डॉलर जुटाए। यह 2024 की पहली छमाही में जुटाए गए 13.7 करोड़ डॉलर से 33 फीसदी कम है। हालांकि, शुरुआती स्टेज फंडिंग 2024 की दूसरी छमाही के 32.9 करोड़ डॉलर से 10 फीसदी बढ़कर 36.1 करोड़ डॉलर पहुंच गई।
- लेट-स्टेज फंडिंग 2024 की दूसरी छमाही के 74.5 करोड़ डॉलर से 41 फीसदी घटकर 43.7 करोड़ डॉलर रही। पहली छमाही से भी यह 6 फीसदी कम है।
अधिग्रहण में 11% उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में 16 अधिग्रहण हुए, जो 2024 की समान अवधि की तुलना में 11 फीसदी अधिक है। हालांकि, 2024 की दूसरी छमाही के मुकाबले 17 फीसदी कम है।
ये भी पढ़ें: Forex Reserve: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.84 अरब डॉलर बढ़ा, 702.78 अरब डॉलर पर पहुंचा आंकड़ा
बंगलूरू सबसे आगे
ट्रेक्सन ने कहा, फिनटेक कंपनियों की ओर से जुटाई गई कुल फंडिंग में 55 फीसदी के साथ बंगलूरू सबसे आगे है। मुंबई 14 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। वेंचर कैपिटल कंपनियों में अमेरिकी फर्म एक्सेल ने सबसे ज्यादा 34 राउंड का निवेश किया।