भारत के 100 दानवीर: गौतम अडाणी, कुमार मंगलम बिड़ला और नीता अंबानी समेत ये नाम शामिल
भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी, नीता अंबानी और कुमार मंगलम बिड़ला का नाम देश की सौ सबसे ज्यादा दान करने वाली हस्तियों में शामिल है। ये वो कॉरपोरेट लीडर हैं, जो पूरी दुनिया में परोपकारी गतिविधियों में शामिल रहे।
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गुरुवार को जारी हुई परोपकारियों की ये सूची अपनी तरह की पहली सूची है, जिसे अमेरिका में स्थित प्रवासी इंडियास्पोरा के नौ जूरी सदस्यों के मार्गदर्शन और प्रतिष्ठित अध्ययन, पहले से सत्यापित सूचियों और सार्वजनिक रूप से साझा किए गए दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। इस सूची में भारत से शुरुआती बड़े नाम गौतम अडाणी, नीता अंबानी और कुमार मंगलम बिड़ला के हैं। जबकि अमेरिका से मोंटी आहूजा, अजय बंगा और मनोज भार्गव, कनाडा से सोनम अजमेरा, बॉब ढिल्लन और आदित्य झा के नाम शामिल हैं। यूनाइटेड किंगडम की बात करें तो इसमें मोहम्मद अमेरसी, मनोज बदले और कुजिंदर बहिया के नाम इस सूची में दर्ज हैं।
सोमरविले कॉलेज में डेवलेपमेंट डायरेक्टर और जूरी सदस्यों में से एक सारा कलीम ने कहा कि इस प्रक्रिया का हिस्सा बनते हुए मुझे काफी खुशी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि मैं इस प्रक्रिया में शामिल लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी जिन्होंने बेहद सावधानी पूर्वक इसका चयन किया। उन्होंने कहा कि ये लोग उदारता के महत्व को समझते हुए काम करते हैं, जो एक उदाहरण है। साथ ही हमें उन कई मुद्दों को याद दिलाते हैं जिन पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक दुनिया में अप्रवासियों की आबादी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भारतीयों की है। दुनिया में भारतीय अप्रवासियों की संख्या 3.2 करोड़ से ज्यादा है।
इंडियास्पोरा की 2021 की लिस्ट में शामिल भारत के दानवीर नेता, दरअसल दुनिया के महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों (अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, द यूनाइटेड अरब अमीरात, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया आदि) से ताल्लुक रखने वाले हैं। इस सूची में शामिल कई दानवीरों ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौर में आगे बढ़कर अभूतपूर्व मदद की। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के सीईओ और संस्थापक प्रेम वत्स ने इसे लेकर कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने हमें सिखाया कि कारोबार, नॉन प्रॉफिट संस्थाएं, सरकार और दान सभी संकट के समय में उस वर्ग को ऊपर उठाने के लिए काम करते हैं जिनकी वे सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इंडियास्पोरा की दानवीर लीडर्स की लिस्ट याद दिलाती है कि प्रवासी संकट के समाप्त होने के बाद भी देने के ऐसे महत्वपूर्ण काम को जारी रखें ताकि हमारा समुदाय भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। इसके अलावा स्थायी जल और स्वच्छता पर काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्था (एनजीए) अर्घ्यम की फाउंडर और चेयरपर्सनल रोहिणी नीलेकणि ने कहा कि हम लोग आने वाले समय में भी ऐसी ही मदद करते रहेंगे। रोहिणी का नाम भी इस दानवीरों की लिस्ट में शामिल हैं। साथ ही रोहिणी नीलेकणि ने यह भी कहा कि भारत में कई पुरानी और उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना प्रेरणादायी भी है और महत्वपूर्ण भी है।